
Jamshedpur : सामाजिक व पारिवारिक मूल्यों पर आधारित पुस्तक “आई गेट इट टू” का बिष्टुपुर स्थित रमाडा होटल में शुक्रवार को विमोचन किया गया. “आई गेट इट टू” की लेखिका जमशेदपुर की निकिता चावला हैं. मूल रूप से पाकिस्तानी पंजाब का निवासी निकिता का परिवार भारत विभाजन के बाद जमशेदपुर आकर बस गया था. इनके पिता जितेंद्र चावला शहर के बड़े कारोबारियों में गिने जाते हैं. निकिता ने अपनी इस पुस्तक में 11मार्मिक संवादों को दर्शाने की कोशिश की है, जिसमें ग्रैंड पैरेंट्स के साथ उनके अनुभव तथा अपरिचित लोगों से मुलाकात के दौरान हुए अनुभवों का वर्णन है. निकिता ने अपनी किताब को उन्होंने अपने ग्रैंड पैरेंट्स को समर्पित किया है.
विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ शुक्ला मोहंती, पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एलपी चौबे तथा जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता अमरप्रीत सिंह काले उपस्थित थे. शुक्ला मोहंती ने नवोदित लेखिका निकिता को अपनी छात्रा बताते हुए कहा कि वर्तमान के समय में जहां यूथ ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं तथा गेम खेलते हैं, वहीं निकिता का बुक राइटिंग करना यूथ के लिए प्रेरणा है. वहीं अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि इस पुस्तक में संयुक्त परिवार से भावनात्मक जुड़ाव और खुद को पहचानने की बातें है. यह काफी मोटिवेशनल थॉट है. इसमें परिवारिक संस्कारों के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में संचरित होने का वर्णन है. एलपी चौबे ने कहा कि पारिवारिक मूल्यों के बारे में लिखना सराहनीय है. बुजुर्गों का मार्गदर्शन का बच्चों पर सकारात्मक रूप से पड़ता है.
लेखिका निकिता चावला ने बताया कि इस पुस्तक में भारत और पाकिस्तान के दौरान उनके ग्रैंड पैरेंट्स के संघर्ष को दिखाया गया है. उन्होंने बताया कि उनके ग्रैंड पैरेंट्स ने विभाजन के बाद जमशेदपुर आकर काफी संघर्ष के बाद अपने को स्थापित किया. उनकी संघर्ष गाथा से उन्हें काफी प्रेरणा मिली है. वे अपने ग्रैंड पैरेंट्स को अपना आदर्श मानती हैं. उन्होंने कहा कि आगे भी वो मोटिवेशनल कहानियां लिखने का काम करेंगी.
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