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राशन कार्ड में नाम जुड़वाने में पेंच, गरीबों को दो जून की रोटी नहीं दे पा रही सरकार

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Ranchi: खाद्य सुरक्षा कानून के अनुसार राज्य में प्राथमिक श्रेणी के लाभुकों को प्रति सदस्य पांच किलो अनाज देने का कानूनी प्रवधान किया गया है. लेकिन यह कानून सरकारी कागजों तक ही सिमटा है. लातेहार की अनिता कुजूर ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों को पूरा किया. इस मामले को लेकर विभाग के मंत्री सरयू राय को ट्वीटर के माध्यम से जानकारी भी दी गई थी. रीट्वीट करते हुए मंत्री जी ने विभाग के सचिव को कार्यवाही के लिए आदेश दिया था. रीट्वीट पर उन्होंने लिखा था, “सेक्रेट्री फॉर एक्शन”. मंत्री के आदेश के बाद भी अनीता के परिवार का नाम राशन कार्ड में नहीं चढ़ पाया है.

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इकलौता मामला नहीं है

इस तरह का राज्य में यह इकलौता मामला नहीं हैं. ऐसे कई राशन से वंचित परिवार सरकारी कार्यालय में आवेदन देते थक जाते हैं पर विभाग गरीबों और जरूरतमंदों की परेशानी दूर करने की दिशा में कोई पहल नहीं कर रहा है.

राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम नहीं होने से नहीं मिल पा रहा पर्याप्त अनाज 

लातेहार बरवाडीह के छीपादोहर के रहनेवाली अनिता कुजूर के राशन कार्ड में सिर्फ उनका नाम हैं. परिवार के बाकी 5 सदस्यों पति एलेसियस लकड़ा, बच्चे अरबिन लकड़ा, अमृत लकड़ा, अलेसिपस लकड़ा और इस्तमिता लकड़ा का नाम राशन कार्ड में नहीं है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि 2015 में जब राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू हुआ तब सूची में अपवर्जन मानकों को लागू कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पीडीएस के लाभुकों की सूची तैयार की गयी थी, जिसके द्वारा यह मान लिया गया कि अनिता कुजूर के परिवार में सिर्फ वे अकेली हैं एवं परिवार के अन्य सदस्य शामिल नहीं हो पाये.

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अनिता के परिवार में हैं 6 सदस्य,  राशन मिल रहा सिर्फ पांच किलो

अनिता कुजूर के परिवार में कुल 6 सदस्य हैं. अनिता कुजूर का नाम ही कार्ड में होने के कारण सिर्फ 5 किलो ही अनाज मिलता है. वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के अनुसार उनका परिवार 30 किलो अनाज पाने के योग्य है. परिवार के सभी सदस्यों को अनाज मिले इसके लिए अनिता लकड़ा ने झारखंड के खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नजदीकी प्रज्ञा केंद्र में परिवार के सभी सदस्यों का 10 जनवरी 2019 को ऑनलाईन अवेदन भी कराया. प्रज्ञा केंद्र ने परिवार के अन्य 5 सदस्य का नाम जोड़ने का आवेदन के एवज में 250 रुपये लिए. इसके बाद विभाग द्वारा जारी किये गए निर्देश के आलोक में शपथ पत्र पर मुखिया एवं पंचायत सेवक का हस्ताक्षर भी करवाना था. अनिता ने मुखिया एवं पंचायत सेवक से परिवार के 5 छूटे हुए सदस्यों के लिए अलग अलग शपथ पत्र पर सत्यापन करवाया एवं ऑनलाईन करवाने के बाद 26 फरवरी 2019 को प्रखंड कार्यालय में जमा किया.

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खाद्य आपूर्ति विभाग के सभी निर्देश का किया पालन फिर भी नहीं जुड़ा नाम

खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा जारी किये गए सिटिजन चार्टर के अनुसार आवेदन देने के एक सप्ताह के अन्दर राशन कार्ड में सदस्यों का नाम जुड़ जाना चाहिए लेकिन प्रखंड में आवेदन देने के 5 सप्ताह बाद भी अनिता कुजूर के राशन कार्ड में परिवार के बाकी 5 सदस्यों का नाम नहीं जुड़ा है.

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विभाग के मंत्री को मामले की है जनकारी फिर भी नही जुड़ सका नाम

इस संबंध में आवेदन जमा करने के 19 दिन बाद जब खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय को 15 मार्च 2019 को इस समस्या से ट्वीटर के माध्यम से अवगत कराया गया तो उनका जवाब था कि कारवाई के लिए सचिव को भेज दिया गया है. अनिता कुजूर की शिकायत को खाद्य आपूर्ति विभाग के शिकायत निवारण पोर्टल( शिकायत संख्या 59428) पर एवं राज्य खाद्य आयोग को भी भेजा गया है लेकिन अभी तक करवाई नहीं हुई है.

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