
Giridih: गिरिडीह जिले में न्यूज विंग की खबर का बड़ा इंपैक्ट देखने को मिला है. जिले में अवैध तरीके से चलने वाले पाउडर फैक्ट्री व क्रशर के चलने के मामले में न्यूज विंग की ओर से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद आनन-फानन में इसे लेकर जिला प्रशासन सक्रिय नजर आया. जिला मुख्यालय के उदनाबाद गांव में गुरुवार दोपहर SDM विशालदीप खलको के नेतृत्व में एक साथ आठ पाउडर फैक्ट्री और क्रशर में छापेमारी की गई. प्रशासन की इस कार्रवाई में सदर एसडीपीओ अनिल सिंह, अंचलाधिकारी रविभूषन प्रसाद और रेंजर एस के रवि समेत जिला पुलिस के जवान शामिल थे. छापेमारी की कार्रवाई की शुरुवात बालाजी ट्रेडर्स पाउडर फैक्ट्री से हुई, जहां बड़े पैमाने पर सफेद पत्थर का स्टॉक पड़ा हुआ था साथ ही पत्थरों की पिसाई के लिए कई बड़े मशीन भी लगे हुए थे लेकिन फैक्ट्री मालिक अरुण लाडिया वहां मौजूद नहीं थे. इस दौरान जब अधिकारियों ने बालाजी ट्रेडर्स के कर्मियों से वन विभाग से निर्गत होने वाले सीटीओ और बिजली बिल के साथ सफेद पत्थर के स्टॉक का पंजी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
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अधिकारियों की टीम इसके बाद बबलू बरनवाल के पाउडर फैक्ट्री श्याम मिनरल पहुंची. तो मौके पर श्याम मिनरल फैक्ट्री बंद मिला. लेकिन सफेद पत्थर का स्टॉक काफी बड़े पैमाने पर वहां मौजूद था. साथ ही फैक्ट्री मालिक मौके से गायब मिला. एसडीएम ने फैक्ट्री के मुंशी से सीटीओ के साथ स्टॉक का पंजी समेत अन्य डॉक्यूमेंट देने को कहा. वहीं संतोष साहू के साई मिनरल पत्थर फैक्ट्री में जब अधिकारियों ने छापेमारी की तो सारे डॉक्यूमेंट सही मिले और पत्थर के स्टॉक का भी डॉक्यूमेंट के अनुसार सही निकला. लेकिन एसडीएम ने संतोष साहू के भतीजा ऋतिक साहू को बिजली बिल के साथ सीटीओ समेत अन्य डॉक्यूमेंट जमा कराने को कहा. इसी प्रकार सफेद पत्थर के माफिया अजीत साहू के बंद पड़े फैक्ट्री में पाउडर बनाने का काम तो बंद था लेकिन पत्थर का स्टॉक सबसे अधिक पाया गया. लेकिन स्टॉक का कोई डॉक्यूमेंट मौजूद नही था लिहाजा, एसडीएम ने इस दौरान कहा की अजीत साहू के फैक्ट्री में स्टॉक सारे अवैध हैं जिसकी जांच कर कारवाई की जाएगी.

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अधिकारियों की टीम बाद में लाला केडिया के फैक्ट्री भी पहुंची. संभवत लाला केडिया को छापेमारी की भनक पहले ही मिल गई थी जिसके कारण लाला केडिया मौके से फरार मिला. फैक्ट्री की जांच में अधिकारयों को पूरी फैक्ट्री अवैध रूप से संचलित होने की जानकारी मिली. कुछ ऐसा ही मनीष जालान और रोहित केजरीवाल के रानी सती मिनरल का भी नजर आया, जहां काले पत्थर के स्टॉक को तोड़ कर गिट्टी का ढेर लगा था, तो पत्थर का अवैध स्टॉक का ढेर ही लगा था. जब सारे अधिकारी भीतर गए, तो फैक्ट्री मालिक मनीष जालान और रोहित केजरीवाल वहा से पहले ही फरार हो चुके थे. इस दौरान एसडीएम ने फैक्ट्री के कर्मियों से सारे डॉक्यूमेंट की मांग की, लेकिन एक भी डॉक्यूमेंट रानी सती मिनरल के कर्मियों ने नही दिखाया. जबकि स्टॉक काफी बड़े पैमाने पर पाया गया. इस दौरान अधिकारियों को यह भी जानकारी मिली की रानी सती मिनरल के समीप एक मिनी खदान से बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर पत्थर निकाले जा रहे है और इसकी भनक तक किसी को नहीं.




