
नई दिल्ली : बांग्लादेश में 35 साल बाद पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला होने जा रहा है। देश के 23वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए गुरुवार को संसद में मतदान होगा। सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का मुकाबला जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद से है। मतदान दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संसद के सत्र कक्ष में होगा। कुल 349 सांसद मतदान के पात्र हैं।
बांग्लादेश में राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से नहीं, बल्कि संसद सदस्यों के माध्यम से होता है। संसद में BNP के पास स्पष्ट बहुमत है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार BNP के 247 सांसद हैं, जबकि जमात के 77 सांसद हैं। इसी वजह से मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। हालांकि औपचारिक परिणाम मतदान और मतगणना के बाद ही घोषित होगा।
35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव में आमने-सामने मुकाबला
1991 के बाद यह पहला मौका है जब बांग्लादेश के राष्ट्रपति चुनाव में एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। इससे पहले राष्ट्रपति पद के चुनाव लगातार निर्विरोध होते रहे थे। 1991 में BNP के उम्मीदवार अब्दुर रहमान बिस्वास और अवामी लीग के उम्मीदवार जस्टिस बदरुल हैदर चौधरी के बीच मुकाबला हुआ था।
इस बार दो उम्मीदवारों के मैदान में होने के कारण चुनाव की प्रक्रिया पर विशेष नजर है। हालांकि संसद में BNP के बहुमत के कारण चुनाव के परिणाम को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट मानी जा रही है।
349 सांसद डालेंगे वोट
बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं। चटगांव-4 संसदीय सीट खाली होने के कारण राष्ट्रपति चुनाव में 349 सांसद मतदान करेंगे। इनमें BNP के 247, जमात के 77, NCP के आठ और आठ निर्दलीय सांसद शामिल हैं। इसके अलावा कुछ छोटे दलों के सांसद भी चुनावी कॉलेज का हिस्सा हैं।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक मतदान संसद के सत्र कक्ष में दोपहर 2 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे तक चलेगा। मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी और मुख्य चुनाव आयुक्त परिणाम घोषित करेंगे।
मिर्जा फखरुल बनाम ओली अहमद
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर BNP के उम्मीदवार हैं। प्रधानमंत्री और BNP अध्यक्ष तारिक रहमान ने उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए पार्टी का उम्मीदवार चुना है। निर्वाचन आयोग ने उनकी उम्मीदवारी को वैध घोषित किया है।
दूसरी ओर, कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन ने उम्मीदवार बनाया है। वे लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष हैं। उनकी उम्मीदवारी को भी निर्वाचन आयोग ने वैध घोषित किया है।
संविधान का अनुच्छेद 70 क्यों महत्वपूर्ण?
राष्ट्रपति चुनाव में बांग्लादेश के संविधान का अनुच्छेद 70 भी महत्वपूर्ण है। इसके तहत किसी राजनीतिक दल के टिकट पर निर्वाचित सांसद यदि संसद में उस दल के खिलाफ मतदान करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो सकती है। ऐसे में सांसदों के मतदान पर पार्टी अनुशासन का असर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BNP के पास संसद में स्पष्ट बहुमत होने के कारण उसके उम्मीदवार मिर्जा फखरुल की स्थिति मजबूत है। इसके बावजूद इस बार मतदान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 1991 के बाद पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए वास्तविक चुनावी मुकाबला हो रहा है।
राष्ट्रपति चुनाव की पृष्ठभूमि
मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के 24 जुलाई 2026 को पद से इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रपति पद खाली हुआ था। इसके बाद संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद ने कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाली। संविधान के तहत रिक्त पद को भरने के लिए 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना जरूरी था और इसी क्रम में 20 अगस्त को मतदान निर्धारित किया गया।
इस चुनाव के साथ बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। मतदान और मतगणना पूरी होने के बाद देश के अगले राष्ट्रपति के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।




