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बिहार में बवाल है, वजह एक बार फिर नीतीश कुमार है !

सीट शेयरिंग को लेकर एलजेपी और आरएलएसपी बेचैन

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Patna: बिहार एनडीए में बवाल है और वजह एक बार फिर नीतीश कुमार है. इस बार मामला सीट शेयरिंग को लेकर है. अमित शाह ने पटना आकर विवाद थामने की कोशिश की. कहा ये गया कि जेडीयू और बीजेपी के बीच सीटों को लेकर एक फॉर्मूला तय हुआ है. लेकिन इस फॉर्मूले से एनडीए के दूसरे सहयोगी दल शायद सहमत नहीं हैं. एलजेपी के पशुपति कुमार पारस ने जेडीयू को लेकर बयान दिया तो आरएलएसपी के उपेन्द्र कुशवाहा भी लगातार बयानबाजी कर रहे हैं.

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क्या है सीट शेयरिंग का फॉर्मूला ?

सूत्रों की माने तो अमित शाह और जेडीयू के बीच 16-16 सीट पर लड़ने की सहमति बनी है. 6 सीट एलजेपी को और दो सीट आरएलएसपी को देने पर सहमति बनी है. एलजेपी का कहना है कि झगड़ा तो जेडीयू और बीजेपी के बीच हुआ था. हम तो हमेशा से एनडीए में बने रहे. लेकिन दो सीट जीतने वाली जेडीयू को 16 और 6 सीट जीतने वाली एलजेपी को महज 6 सीटें ?

आरएलएसपी के ओर से उपेन्द्र कुशवाहा ने संभाली कमान

सूत्रों के हवाले से खबर है कि आरएलएसपी को वहीं दो सीटें लड़ने के लिए मिलेंगी जो उसने पिछले लोकसभा चुनाव में जीती है. यानि काराकाट और समस्तीपुर की सीट. जहानाबाद से आरएलएसपी के अरुण कुमार जीते थे, लेकिन फिलहाल वे बागी हैं. उस सीट पर फैसला जेडीयू और बीजेपी लेंगे.

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जेडीयू को बीजेपी के बराबर सीट मिलने से उपेन्द्र कुशवाहा नाराज-सूत्र

वर्तमान में बीजेपी के 22 सांसद हैं. ऐसे में अगर जेडीयू और बीजेपी दोनों 16-16 सीटों पर लड़ें तो बीजेपी के कम से कम 6 सीटिंग सांसदों का पत्ता कटना तय है. कई सांसद अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं. बिहार बीजेपी में बवाल हो सकता है.

एलजेपी भी अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं

एलजेपी को लगता है कि जेडीयू के साथ आने से उसको कुछ सीटों पर अपनी दावेदारी छोड़नी पड़ सकती है. उदाहरण के लिए मुंगेर की सीट. मुंगेर की सांसद वीणा देवी ने पिछली बार एलजेपी के टिकट से जीत दर्ज की थी. वीणा देवी को लगता है कि ललन सिंह के लिए उन्हे सीट छोड़नी पड़ेगी. इसके लिए वे कतई तैयार नहीं हैं. वीणा देवी ने साफ किया है कि वे मुंगेर से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी, चाहे इसके लिए जो कीमत चुकानी पड़े.

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नीतीश अभी कर रहे दबाव की राजनीति

नीतीश कुमार ने बीजेपी के बराबर वाले फॉर्मूले पर अबतक अपनी सहमति नहीं दी है. इस मामले में नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के नेताओं से कहा है कि दो हफ्ते के अंदर सीट शेयरिंग पर सहमति बन जाएगी. मतलब एनडीए में जो बवाल है उसके केन्द्र में नीतीश कुमार हैं.

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