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भूमि अधिग्रहण बिल पर विपक्ष ने फूंका बिगुल, हेमंत ने कहा – जनता पर थोपा जा रहा काला कानून

कई बार विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर बैठक की गयी है

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Ranchi: भूमि अधिग्रहण संसोधन कानून 2017 के खिलाफ आज विपक्ष की एकजुटता देखने को मिली. हालांकि इससे पहले भी कई बार विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर बैठक की गयी है. लेकिन आज के प्रदर्शन के दौरान नेताओं का गुस्सा और विरोध दोनों ही देखने को मिला. सभी विपक्षी नेताओं ने एक सुर में भूमि अधिग्रहण बिल को वापस लेने की मांग की. जहां हेमंत सोरेन ने रघुवर सरकार को कानून तोड़ने वाला तक कह दिया. तो दूसरी ओर माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने तो सरकार पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि किसानों की लाशों पर उद्योगपतियों के लिए रेड कार्पेट बिछाया जा रहा है. विपक्ष के प्रदर्शन में संयुक्त विपक्षी दल, सामाजिक संगठन एवं जनसंगठनों ने राजभवन के समक्ष धरना दिया.

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आंदोलन की कर्मभूमि है झारखंड

सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा की राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण बिल लाकर राज्य की जनता के ऊपर काला कानून थोपने का काम कर रही है, हम सभी लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकार की मांग को रख रहे हैं. झारखंड आंदोलन की कर्मभूमि है, जल, जंगल और जमीन की लड़ाई राज्य का इतिहास है. साथ ही हेमंत ने कहा कि जब तक बिल वापस नहीं हो जाता   तब तक हमलोग इस लड़ाई को सदन से सड़क तक जारी रखेंगे. अभी हमलोग संवैधानिक तरीके से अपनी बातों को रख रहे हैं. लेकिन यदि सरकार नहीं मानती है तो आंदोलन ऐसा होगा, जिसका सरकार को भी अंदाजा नहीं है. साथ ही कहा कि अपनी लड़ाई हम हर हाल में लड़ेंगे.

झारखंड की जमीन लूट के लिए संशोधन

झारखंड विकास मोर्चा के विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि झारखंड की जमीन लूट के लिए भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन किया है. यह लड़ाई रघुवर दास को गद्दी से हटाने तक जारी रहेगा.

अपने आप को मजदूर बोलने वाले को वापस मजदूरी के लिए भेज देंगे

भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर विपक्ष ने फूंका बिगुल, हेमंत ने कहा – जनता पर थोपा जा रहा काला कानून

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा कि विकास के नाम पर सरकार ने हजारों एकड़ जमीन को कब्जा कर रखा है. हजार एकड़ एचइसी के नाम पर सरकार ने ले लिया. वहीं पूरे प्रदेश में दो हजार एकड़ जमीन किसानों की सरकार के पास है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने आप को मजदूर कहते हैं तो उन्हें वापस मजदूरी के लिए टाटा स्टील भेज देंगे.

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झारखंड को लूटखण्ड बना रही है सरकार

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माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट के खिलाफ राज्य की जनता ने एक होकर लड़ाई को जारी रखा. जिसका नतीजा है कि सरकार को बिल वापस लेना पड़ा. भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को लाकर सरकार पीछे के दरवाजे से जमीन अधिग्रहण का काम करवा रही है. इज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर जमीन लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे झंडे भले ही अलग हैं, लेकिन आदिवासी किसानों की लड़ाई हम एकता के साथ लड़ेंगे. वृंदा करात ने कहा कि आरएसएस राष्ट्रीय सर्वनाश संघ है.

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गद्दी पर बैठने के लायक रहने नहीं देंगे

भाकपा माले के पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून बिना विधानसभा में लाए राष्ट्रपति की मंजूरी से पास करा लिया गया. महाधरना के माध्यम से चेतावनी देते हैं कि जिस तरीके से सीएनटी-एसपीटी एक्ट को वापस लिया गया, उसी प्रकार भूमि अधिग्रहण को वापस लें. अन्यथा रघुवर दास को गद्दी में बैठने के लायक नहीं रहने देंगे. भाजपा का सफाया तक लड़ाई जारी रहेगी.

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भ्रम फैला रहे हैं मुख्यमंत्री

कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ जंग जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि भ्रम फैलाना मुख्यमंत्री का काम है, क्योंकि इनकी नियत में ही खोट है. साथ ही कहा कि पांच हजार स्कूलों को बंद कर दिया और कहते हैं कि स्कूल के लिए जमीन चाहिए. भूमि अधिग्रहण बहाना है. इसके माध्यम से राज्य को लूटने की योजना बना रहे हैं रघुवर दास.

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किसानों की लाश पर कारपेट बिछा रही है राज्य सरकार

माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा पिछले एक माह में सरकार के खिलाफ राज्य की जनता सड़क पर उतरी है. कारपोरेट घरानों के लिए सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है. भाजपा ने विधानसभा और संसद की गरिमा को तार-तार किया है. किसानों की लाशों पर उद्योगपतियों के लिए रेड कार्पेट बिछाया जा रहा है. उन्होंने जनता से अपील किया की रघुवर हटाओ, झारखंड बचाओ के नारे के साथ अपने क्षेत्र में लौटे और बिल वापसी तक लड़ाई को जारी रखें.

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