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राहुल ने मोदी को पत्र लिखा,  मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित करायें

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वह 18 जुलाई से आरंभ हो रहे संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित करायें.

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NewDelhi : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वह 18 जुलाई से आरंभ हो रहे संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित करायें. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा, ‘मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप संसद के आगामी मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने में सहयोग करें. उन्होंने कहा,  भाजपा और सहयोगी दलों के पास लोकसभा में बहुमत है, ऐसे में इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने के लिए आपके सहयोग की जरूरत है. मैं आशा करता हूं कि इसमें अवरोध पैदा नहीं होगा. राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक को पारित कराने में सरकार का पूरा सहयोग करेगी. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में कांग्रेस ने देश भर में 32 लाख हस्ताक्षर कराये हैं.अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने महिलाओं की सुरक्षा और उनसे जुड़े मुद्दों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराये.

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भाजपा भी तीन तलाक पर विधेयक लाना चाह रही है

राहुल के इस पत्र को भाजपा के तीन तलाक विधेयक के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, भाजपा भी तीन तलाक पर इस सत्र में विधेयक लाना चाह रही है और इसके लिए वह विपक्षी दलों से सहयोग की मांग कर चुकी है. संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगा.  राहुल ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए. इस बाबत यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी पिछले साल केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. बता दें कि महिला आरक्षण विधेयक पिछले काफी समय से लटका हुआ है. 1996 में तत्कालीन पीएम एच.डी. देवगौड़ा के कार्यकाल में इस बिल को संसद में पेश किया गया था. 2010 में राज्यसभा में पास होने के बाद यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका.

महिला आरक्षण को मंजूरी देने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा

1993 में संविधान में 73वें और 74वें संशोधन के जरिए पंचायत और नगर निकाय में एक तिहाई सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया था.  महिला आरक्षण को मंजूरी देने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा. अलग-अलग दल महिला आरक्षण में अलग-अलग समुदाय की महिलाओं की आरक्षण की मांग कर रहे हैं. पिछले साल  सोनिया ने लिखा था, लोकसभा में भाजपा को मिले बहुमत को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द महिला आरक्षण बिल पास कराने की कोशिश करनी चाहिए. यह बिल मार्च 2010 में राज्यसभा में पास हो चुका है और अब लोकसभा की मंजूरी पाने की बाट जोह रहा है. इसलिए आप इसे लोकसभा में लेकर आइए.

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