
Ranchi: साहेबगंज में एक पहाड़िया युवती की हत्या पर सांसद संजय सेठ ने आक्रोश जताया है. उन्होंने कहा कि पहाड़िया बेटी की उसके कथित विधर्मी पति के द्वारा दर्जनभर से अधिक टुकड़े कर दिए गए. यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करने वाली है बल्कि सभ्य समाज को कलंकित करने वाली है. झारखंड में जब से यूपीए की सरकार बनी है, यह लोग आदिवासियों के हितैषी होने का दंभ भरते हैं परंतु सबसे अधिक प्रताड़ित आदिवासी हो रहा है. सांसद ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय का हितैषी होने की बात करते हैं, झारखंडयों को धोखा देने के लिए खतियानी यात्रा निकाल रहे हैं और दूसरी तरफ झारखंड की आदिवासी बेटियां, उनकी इज्जत, उनकी जिंदगी कुछ भी सुरक्षित नहीं है. इससे वीभत्स और क्या हो सकता है कि आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में आदिवासी बहन बेटियां ही सुरक्षित नहीं है। यह इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है.
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सांसद ने कहा कि सरकार को अब भी चेत जाना चाहिए और ऐसे दरिंदों को फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर तत्काल फांसी की सजा देनी चाहिए परंतु यह सरकार पूरी तरह से तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है. कहीं गौ तस्करों के द्वारा आदिवासी दारोगा बेटी मार दी जाती है तो कभी विधर्मियों द्वारा हमारी बेटियां काट दी जाती हैं. कभी जिंदा जला दी जाती हैं और यह सरकार चुपचाप खामोश होकर सारा तमाशा देखती रहती है. मुख्यमंत्री को झारखंड की जनता को जवाब देना चाहिए. आदिवासी हित की बात करते हैं और यहां आदिवासी सुरक्षित नहीं है. संजय सेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री अविलंब एसआईटी का गठन करें या फिर इस तरह के मामलों को लेकर एनआईए या सीबीआई से जांच की अनुशंसा करें. केंद्र सरकार इस मामले की जांच करेगी क्योंकि यह एक सोची समझी साजिश है. यह कोई सामान्य हत्या की घटना नहीं है. संथाल में विधर्मियो के निशाने पर हमारी बेटियां हैं और हमारी सरकार चुप चाप खामोश होकर तमाशा देख रही है. समाज अब ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा.




