JharkhandLead NewsRanchi

पंचायतों के साथ मिल कर बीडीओ ने खरीदी 5 करोड़ की हाइमास्ट लाइट, अब सरकार करेगी कार्रवाई

Ranchi : पश्चिमी सिंहभूम की 32 पंचायतों के साथ मिलकर बीडीओ और दूसरे लोगों ने हाइमास्ट लाइट की खरीद की. इस पर 5 करोड़ रुपये से भी अधिक राशि खर्च की गयी. 14वें औऱ 15वें वित्त के पैसे का दुरुपयोग हुआ. लाइट खरीद की ये ऐसी स्कीम थी जिसे पंचायत विकास योजना (वीडीपी) में ली ही नहीं गयी थी. न ही इसकी एंट्री ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में की गयी थी. अब सरकार की इस पर नजर पड़ी है. पंचायती राज विभाग ने पश्चिमी सिंहभूम के डीसी औऱ दूसरे सभी जिलों के डीसी को भी हाइमास्ट लाइट की खरीद मामले की समीक्षा करने का आदेश जारी किया है. इसकी जांच करने औऱ दोषी पदाधिकारियों, कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों के विरुद्ध कार्रवाई करके इसकी रिपोर्ट विभाग को करने को कहा है.

इसे भी पढ़ें – लौह अयस्क पट्टा की हो रही सौदेबाजी, अंकुश लगायें सीएमः सरयू राय

एक ही एजेंसी ने सभी प्रखंडों में मारी बाजी    

Catalyst IAS
ram janam hospital

पश्चिमी सिंहभूम के डीसी के मुताबिक जगन्नाथपुर ब्लॉक की 16 पंचायतों में 73 जगहों पर हाइमास्ट लाइट लगायी गयी. इनमें से 10 जगहों पर एसएस हार्डवेयर ने इस काम को लिया. बाकी सभी जगहों पर आयु ट्रेडर्स औऱ मेसर्स हार्डवेयर को काम मिला. सदर चाईबासा की 11 पंचायतों में भी हाइमास्ट लाइट लगे. कुल 48 लाइट में से मेसर्स तत्व सिनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, चाईबासा ने 9 लाइट लगाये. शेष में आय़ु ट्रेडर्स, जादूगोड़ा को काम मिला. मझगांव प्रखंड के 5 पंचायतों में 20 हाइ मास्ट लाइट लगाये गये. इनमें से 18 लाइट लगाने का काम मेसर्स आयु ट्रेडर्स को मिला. जबकि मेसर्स तत्व सिनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने 2 जगहों पर लाइट लगाने का काम हासिल किया.

The Royal’s
Sanjeevani

3.50 लाख रुपये की दर से लाइट की खरीद

पश्चिमी सिंहभूम के डीसी की ओऱ से पंचायती राज निदेशक, झारखंड को एक लेटर (पत्रांक 420, 21-09-2020) भेजा गया. इसमें बताया गया कि जिले के 3 प्रखंडों में नियम विरुद्ध तरीके से हाइमास्ट लाइटें लगायी गयी हैं. इनमें 14वें वित्त की राशि का दुरुपयोग किया गया है. मझगांव की पंचायतों में 20, सदर चाईबासा की पंचायतों में 48 औऱ जगन्नाथपुर की पंचायतों में 73 लाइटें लगायी गयी हैं. पंचायतों में नियम विरिद्ध तरीके से 3,60,000 रुपये और 3,71,528 रुपये की दर से हाइमास्ट लाइट ली गयी.

इसे भी पढ़ें – टंडवा के NTPC प्लांट से झारखंड को मिलेगी 500 मेगावाट बिजली

क्या गड़बड़ी की अफसरों ने

जगन्नाथपुर प्रखंड की 16 पंचायतों के मुखिया ने स्थानीय विधायक को शिकायत करते हुए कहा था कि उन पर जगन्नाथपुर के बीडीओ के द्वारा हाइमास्ट लाइट की खरीद के लिए दबाव दिया जा रहा है. इस आधार पर विभाग की ओर से जगन्नाथपुर, सदर चाईबासा और मझगांव तथा गुदड़ी के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया था. गुदड़ी बीडीओ ने बताया कि उनके यहां किसी पंचायत में हाइमास्ट लाइट की खरीद नहीं की गयी है. बाकी बीडीओ ने विभाग के पास तरीके से अपना स्पष्टीकरण दिया ही नहीं. 14वें वित्त की नियमावली में डेढ़ लाख से अधिक के सामान की खरीद पर अखबारों में टेंडर जारी करना जरूरी था पर इसका पालन हाइमास्ट लाइट की खरीद मामले में नहीं हुआ. वित्तीय नियमावली का उल्लंघन करते हुए 3,60,000 रुपये से अधिक की लाइट बगैर निविदा के खरीद ली गयी.

कई जगहों पर हाइमास्ट लाइट के लिए केवल पिलर लगाया गया और इसके लिए पूरे काम का भुगतान कर दिया गया. अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की अध्यक्षता पारंपरिक प्रधान (मुण्डा) करेंगे औऱ तब योजनाएं ली जायेंगी. इसकी बजाये मुखिया ने अध्यक्षता की. योजना का क्रियान्वयन लाभुक समिति के माध्यम से करना था. पर हाइमास्ट लाइट का भुगतान सीधे वेंडर, फर्म को किया गया जो गलत है. सप्लायर से किसी प्रकार का एग्रीमेंट भी नहीं किया गया. लाइट के खराब होने और उसकी मरम्मति के संबंध में किसी प्रकार की गारंटी या वारंटी नहीं ली गयी.

इसे भी पढ़ें – खिलाड़ियों के लिए Golden Chance, जानें कैसे मिलेगा Income Tax में नौकरी का मौका

Related Articles

Back to top button