
Ranchi: मंत्री सरयू राय ने झारखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष सह झारखंड राज्य के महाधिवक्ता अजीत कुमार से 10 दिनों के भीतर बार काउंसिल में पारित निंदा के प्रस्ताव को वापस लेने को कहा है. उन्होंने कहा है कि पारित निंदा का प्रस्ताव वापस लेने के लिए काउंसिल की मीटिंग की तिथि निर्धारित कर लें. ऐसा नहीं करने पर वह महाधिवक्ता अजीत कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जायेंगे. 23 नवंबर 2018 को झारखंड राज्य बार काउंसिल ने आपातकालीन बैठक में सरयू राय के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था. यह प्रस्ताव सरयू राय द्वारा खनन पट्टा एवं अन्य मामले में महाधिवक्ता पर दोषारोपण करने के कारण पारित किया गया था.
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कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए काउंसिल के सदस्यों को लिखा था पत्र
निंदा प्रस्ताव पारित होने के बाद सरयू राय ने काउंसिल के सभी सदस्यों को पत्र लिखा था. पत्र लिख कर उन्होंने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए काउंसिल के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात को रखने का मौका देने की मांग की थी. साथ ही पत्र में प्रस्ताव को वापस लेने की भी मांग की थी. जिसके बाद महाधिवक्ता अजीत कुमार ने दो बार सरयू राय से मिल कर आश्वासन दिया कि वे इस प्रस्ताव को वापस करायेंगे.
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काउंसिल 10 दिनों के अंदर बैठक की तिथि घोषित करे
सरयू राय ने महाधिवक्ता अजीत कुमार को लिखा है कि नवंबर 2018 में उनके विरुद्ध प्रस्ताव पारित होने के बाद से बार काउंसिल की दो बैठकें हो चुकी हैं. पर उन बैठकों में इस प्रस्ताव को वापस लेने पर विचार नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि 10 दिनों में बार काउंसिल की अगली बैठक की तिथि घोषित कर प्रस्ताव वापस लिया जाये अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई करने पर विवश होना पड़ेगा.
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