
Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने अपने सलाहकार सुनील तिवारी और उनके परिवार के जानमाल की सुरक्षा के लिए डीजीपी, झारखंड से अपील की है. इस संबंध में उन्हें मंगलवार को एक लेटर भी लिखा. इसमें कहा है कि सुनील तिवारी पर आसन्न ख़तरा एवं राजनैतिक दुर्भावनापूर्ण बदले की कार्रवाई की आशंका के बारे में उन्होंने अभी हाल में मोबाइल पर बातचीत में इस संबंध में उन्हें (डीजीपी को) जानकारी दी थी. सुनील तिवारी द्वारा 11 सितंबर को मुख्य सचिव को किए गये मेल का जिक्र करते बाबूलाल ने कहा कि विषयवस्तु गंभीर है. हाल के कई ऐसे मामलों का उदाहरण सामने है जिसमें पुलिस को ख़तरे की आशंका की लिखित सूचना के बाद भी कुछ नहीं किया गया. प्रभावित व्यक्ति की हत्या हो गई. डीजीपी से अनुरोध करते कहा कि सुनील तिवारी के मामले में गंभीरता से अपने स्तर से संज्ञान लें. उनके, उनके परिवार की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही राजनैतिक बदले की भावना से पुलि कोई पीड़क कार्रवाई नहीं करे, इसका ख़याल रखें.
कानून के आधार पर हो काम
बाबूलाल के मुताबिक साहिबगंज खनन घोटाला के खिलाफ एफआईआर के लिये थाने में लिखकर देने वाले अनुरंजन अशोक को भी पांच दिन पहले मोबाइल पर जान से मारने की धमकी देने और अनुरंजन के डोरंडा थाना में शिकायत करने की खबर अख़बारों में देखने को मिली है. डीजीपी पुलिस के मुखिया हैं. नियमानुसार आपकी यह ज़िम्मेदारी है कि राज्य में अमन चैन क़ायम रहे, पुलिस क़ानून के आधार पर काम करे. सत्ता पोषित या कोई दूसरे गुंडे-मवाली राज्य में उत्पात नहीं मचाए. राजनैतिक द्वेष से किसी के खिलाफ पुलिस कोई फ़र्ज़ी पीड़क कार्रवाई न करे जैसा कि आये दिन होते देखा जा रहा है. यही वजह है कि उच्च न्यायालय को पुलिस की पुर्वाग्रह ग्रस्त कार्यशैली के चलते ऐसे कई मामले जांच के लिये सीबीआई के हवाले करना पड़ा है.
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