
Ranchi: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के सलाहकार सुनील तिवारी ने मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को पत्र लिखा है. इसमें उनसे कहा है कि पूर्व में राज्य सरकार के स्तर से उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया जा चुका है. इसके बाद अब वे सरकार संरक्षित अपराधियों के निशाने पर हैं. सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार में लिप्त लॉबी उनकी जान के पीछे पड़ी है. षडयंत्रकारी, अपराधिक गिरोहों के द्वारा न सिर्फ उन पर नये सिरे से फर्जी केस करवाया जा सकता है. बल्कि उनके हत्या तक की साजिश की जा सकती है. इस स्थिति को देखते षडयंत्रकारियों से उन्हें और उनके परिवार को किसी तरह के नुकसान से बचाने को सुरक्षा दी जाए. सुनील तिवारी ने इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, गृह सचिव, डीजीपी और एसएसपी,रांची को भी भेजी है.
यहां देखें लेटर
सुनील तिवारी ने मुख्य सचिव सहित अन्य को जो लेटर लिखा है, वह इस प्रकार से हैः
सेवा में,
मुख्य सचिव महोदय,
विषय– फर्जी मुकदमों में फंसाने के बाद मेरी हत्या की साजिश रचने के संबंध में
महोदय,
मैं सुनील कुमार तिवारी, झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का सलाहकार हूं. उनके सोशल मीडिया टीम के नेतृत्व की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी संभालता हूँ. झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार में व्याप्त राजनीतिक संरक्षण में भ्रष्टाचार को लेकर मुखर रहने के कारण सरकार ने मुझ पर अगस्त 2021 में एक महीने के भीतर लगातार दो फर्जी मुकदमे भी करवाये. मुझे जेल भेजा गया. माननीय हाईकोर्ट ने मुझे ज़मानत प्रदान करने के आदेश में केस करने से लेकर गिरफ़्तारी तक में झारखंड पुलिस की हाईपर कार्यशैली पर तीखी प्रतिकूल टिप्पणी की। मेरे प्रति राज्य सरकार का व्यक्तिगत दुश्मनागत रवैया इस बात से समझा जा सकता है कि राज्य सरकार हाईकोर्ट से प्राप्त मेरे ज़मानत आदेश को रद्द कराने के लिये क़रीब आधे दर्जन वकील रखकर सुप्रीम कोर्ट गयी.
लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मुझे ज़मानत देने के हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए राज्य सरकार के ज़मानत रद्द करने के अनुरोध को पहली तारीख़ में ही ख़ारिज कर दिया. दोनों मुकदमों अरगोड़ा थाना केस संख्या 229/21 और 255/21 में मुझ पर चार्जशीट भी कर दिया गया है. मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश देने के मेरे अनुरोध पर माननीय हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है.
लेकिन लगता है कि मुझे परेशान और तबाह करने के इतने सब कार्रवाई से भी उन राजनैतिक दुश्मनी पाल रखे लोगों के कलेजे को ठंडक नहीं मिल रही जिनके काले कारनामों का चिट्ठा खोलने में मैं बिना डरे सदैव अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए आदरणीय श्री बाबूलाल मरांडी जी के कार्यों में उनके आदेशानुसार सहयोग करता रहा हूं.
हाल के दिनों में बाबूलाल मरांडी जी ने अवैध खनन, मुख्यमंत्री के जमीन घोटाले में संलिप्तता और कोयला से उगाही जैसे कई गंभीर मामले उठाए हैं, जिसकी वजह से मैं सरकार संरक्षित अपराधियों के निशाने पर हूं। महोदय, अब यह जानकारी मिल रही है कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार में संलिप्त लॉबी मेरे जान के पीछे पड़ी है.षड्यंत्रकारी/अपराधिक गिरोहों के द्वारा न सिर्फ़ मुझ पर नये सिरे से कुछ फ़र्ज़ी केश करवाया जा सकता है बल्कि मेरी हत्या तक की साज़िश की जा सकती है। सनद रहे कि पहले भी जून 2021 में मैं ने आपको पत्र लिखकर बताया था कि मुझ पर केश-मुक़दमा करने का सरकारी षड्यंत्र हो रहा है। मेरी यह आशंका सच साबित हुई। आपको मेरे पत्र लिखकर जानकारी देने के ठीक तीन महीने बाद अगस्त 2021 में हम पर दो-दो मुक़दमे करवाये गये और मुझे जेल भेजा गया.
मेरी जान पर ख़तरा और मुझे परेशान करने की साज़िशों के बारे में भी मुझे कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, लेकिन राज्य में पुलिस के समक्ष मैं अपनी सूचना के स्रोत और इस साजिश में शामिल लोगों का खुलासा नहीं कर सकता. महोदय केंद्र की किसी भी एजेंसी को मैं पूरा विवरण बता सकता हूं. अतः जून 2021 की तरह मेरी एक बार फिर आपसे गुजारिश है कि मुझे परेशान और चुप कराने के लिये फ़र्ज़ी केस-मुक़दमा करवाने से लेकर जान तक मरवाने की सोचने जैसे राजनीतिक पूर्वाग्रह ग्रस्त साज़िशों से सुरक्षा दी जाए, ताकि षड्यंत्रकारी मुझे या मेरे परिवार को किसी भी तरह का नुक़सान न पहुंचा सके.




