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सीएमपीडीआइ ने खुली खदानों में वज्रपात से सुरक्षा बढ़ाने के विषय में कॉपीराइट हासिल किया

Ranchi : सीएमपीडीआई ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कोरबा एरिया के सराईपाली ओसीपी में लाइटनिंग और अर्थिंग सिस्टम के लिए ‘‘जोखिम मूल्यांकन और पर्याप्तता अध्ययन पर रिपोर्ट’’ कार्य के लिए कॉपीराइट कार्यालय, इंटेलेक्च्युअल इंडिया, भारत सरकार से कॉपीराइट अनुमोदन हासिल किया है. रिपोर्ट में ओपनकास्ट खदानों के संबंध में बिजली संरक्षण के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है, जो मानसून के मौसम के दौरान खुली खदानों में वज्रपात होने से प्रतिष्ठानों और जनशक्ति की सुरक्षा को बढ़ायेगा जिससे डाउनटाइम कम होगा.

इसके अलावा,  सीएमपीडीआइ के वरीय प्रबंधन (उत्खनन) श्री आलोक कुमार झा द्वारा लिखित यह अग्रणी अध्ययन ‘‘डीजीएमएस (तकनीकी) परिपत्र के निर्देशों के अनुरूप है. डीजीएमएस के इस परिपत्र में कहा गया है कि सभी खदानों में बिजली संरक्षण का अध्ययन किया जाये ताकि खदानों में तैनात कर्मियों और मशीनरी को वज्रपात होने से जुड़े खतरों से बचाया जा सके. सभी खदानों में डीजीएमएस द्वारा अनिवार्य अध्ययन की आवश्यक प्रकृति को देखते हुए, कॉपीराइट सीएमपीडीआइ के लिए राजस्व सृजन का एक आशाजनक अवसर बनाता है.

यह कॉपीराइट सीएमपीडीआइ की तकनीकी कौशल का प्रमाण है. उल्लेखनीय है कि विगत दो वित्तीय वर्ष 2022-2024 में सीएमपीडीआइ को दो पेटेंट हासिल हुआ है. पहला दिसम्बर, 2022 में ‘‘फ्यूगिटिव धूल के उत्पादन और संचरन को नियंत्रित करने के लिए एक प्रणाली और विधि’’ विकसित करने के अभिनव कार्य के लिए और दूसरा दिसम्बर, 2023 में ‘‘विभिन्न प्रकार के विस्फोटकों और इनीसिएटर्स के विस्फोट के वेग और एसेसरी उत्पाद के स्कैटरिंग/विलंब के समय को मापने के लिए एक बेहतर और अत्यधिक किफायती उपकरण / टूल ’’ के आविष्कार एवं उसके लिए विधि (ACCUTIME) के लिए कॉपीराइट कार्यालय, इंटेलेक्च्युअल इंडिया, भारत सरकार ने पेटेंट प्रमाण-पत्र जारी किया.

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