
Ranchi : खेल-खेल में 13 साल के एक बच्चे ने दो हफ्ते पहले खिलौनेवाली सीटी निगल ली थी. इसके बाद बच्चे की सांस फूलने लगी और खांसी भी कम नहीं हो रही थी. वहीं बलगम के साथ खून भी आने लगा. इसके बाद परिजनों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें. इस बीच परिजन उसे चाईबासा सदर हॉस्पिटल ले गये. जहां से उसे रिम्स रेफर कर दिया गया. इएनटी डिपार्टमेंट में प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद बच्चे को पीडिया सर्जरी में भेजा गया. जहां डॉ हिरेंद्र बिरुआ की टीम ने बिना देर किये उसका ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. वहीं सांस की नली में फंसी सीटी को ब्रोंकोस्कॉपी टेक्निक से बाहर निकाला गया. टीम में डॉ श्याम प्रसाद साहू, डॉ अभिषेक कुमार सिंह, डॉ शिशिर कुमार, डॉ प्रिया शालिनी लकड़ा, डॉ अकरम जिया शामिल थीं.
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डॉक्टरों की बढ़ रही थी टेंशन
डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन करने का प्लान तो बना लिया, लेकिन लक्षण होने के बावजूद एक्स-रे में सीटी कहीं दिखाई नहीं दे रही थी. इस वजह से मशीन से सीटी को पकड़ने में काफी परेशानी आ रही थी. डॉक्टरों की टेंशन बढ़ती जा रही थी. डॉक्टरों ने 1.5 घंटे की मशक्कत के बाद सीटी निकालने में सफलता हासिल की. सीटी की लंबाई 3.5 सेमी × 1.2 सेमी थी.
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