JharkhandLead NewsRanchiTOP SLIDER

सेंट्रल यूनिवर्सिटी का जमीन विवादः अवैध कब्जा के अलावा 13 एकड़ भूमि पर जमाबंदी भी

Rajesh Tiwary

Ranchi:  सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर तमाम तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं. पहले तो एक जमीन के तीन दावेदार मिले. अब पूरी जमीन के दस्तावेज को देखने पर जमाबंदी की बातें सामने आ रही हैं. जानकारी के अनुसार जिस जमीन पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी बन रही है, वहां 13 एकड़ जमीन ऐसी मिली है जिसकी वर्षों पहले जमाबंदी हो चुकी है. अब प्रशासन जमाबंदी की गयी 13 एकड़ जमीन को छोड़ कर शेष जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी कर रहा है. जमाबंदी की जमीन को छोड़ बाकि जमीन के दस्तावेज जिला भू-अर्जन कार्यालय को भेज दिये गये हैं. 500 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है. इसमें 139 एकड़ भूमि रैयती है. शेष जमीन गैरमजरुआ है और अधिकतर पर अवैध कब्जा है.

advt

इसे भी पढ़ें – Jharkhand: 17 विभागों की नियुक्ति नियमावलियों में नहीं हुआ बदलाव,अब मिला सिर्फ दस दिन का समय

जमीन का आकलन कर भेजने को कह रहा विभाग

इधर, उच्च शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन से पूरी जमीन का आकलन कर दस्तावेज भेजने को कहा है. ताकि, जमीन का उचित मुआवजा दिया जा सके. विभाग द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद जिला प्रशासन ने जमीन के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

सीओ को दिशा-निर्देश दे दिया गया है

13 एकड़ जमीन को छोड़ कर शेष जमीन से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने को कह दिया गया है. इस बारे में एसी राजेश बरवार ने बताया कि जमीन के रैयतों को भी मुआवजा दिये जाने से पहले जमीन के सारे दस्तावेज की गहनता से जांच करने को कहा गया है.

सेंट्रल यूनिवर्सिटी की जमीन को लेकर लगातार विवाद चल रहा है. कभी मुआवजा को लेकर तो कभी चहारदीवारी निर्माण को लेकर विरोध होता रहा है.

इसे भी पढ़ें – EXCLUSIVE : कोल्हान के 71 बड़े डिफाल्टर्स ने गटक रखा है 1.65 करोड़ का बिजली बिल

क्या था विवाद

झारखंड केंद्रीय विश्व विद्यालय के लिए सरकार ने जमीन अधिग्रहण किया और विश्व विद्यालय शुरू भी हो गया लेकिन वहां के कई रैयतों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया. जिसको लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया. जिसके बाद वहां विश्व विद्यालय तक जाने वाला पहुंच पथ का मामला फंस गया.

कुल 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है

इस योजना के लिए 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. इनमें 139 एकड़ रैयती जमीन है और शेष 361 एकड़ जमीन गैरमजरुआ है. बताया जाता है कि जिला भू-अर्जन कार्यालय ने पहुंच पथ के लिए 40 करोड़ की मांग विभाग से की गयी है.

इसे भी पढ़ें – जीतराम मुंडा हत्याकांड: ओरमांझी पुलिस ने एक और आरोपी रतन बेदिया को किया गिरफ्तार

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: