
Ranchi: चतरा के दिरीदाग पहाड़ी पर 8 अक्टूबर 2005 को माओवादी नक्सलीयों के साथ लोहा लेते हुवे शाहिद हुवे एसडीपीओ विनय भारती और अन्य जाँबाज जवानों को आज श्रद्धांजलि दी गई. यह श्रद्धांजलि शहर के कॉलेज रोड स्थित शहीद विनय भारती पार्क में आयोजित थी. मौके पर डीसी कृतिश्री जी एवं एसपी सुमित कुमार अग्रवाल सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके अदम्य साहस और उनके शहादत को नमन करते हुवे उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया. बताते चलें कि 8 अक्टूबर 2005 को हुवे इस नक्सली वारदात में चतरा के तत्कालीन एसडीपीओ विनय भारती, सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट जेडी अमर समेत एक दर्जन पुलिस के जवान शाहिद हो गए थे. बताया जाता है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दिरीदाग पहाड़ी पर माओवादियों द्वारा वसूले गए लेवी के रुपए से भरा एक बक्सा छिपाकर रखा गया है. इस सूचना पर एसडीपीओ विनय भारती अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्हें वहाँ वास्तव में एक आयरन चेस्ट (लोहे का बक्सा) मिला, जिस पर लिखा था कि यह रुपया पलामू जोन का है. जैसे ही अधिकारियों ने बक्सा खोला, उसमें एक जोरदार धमाका (ब्लास्ट) हो गया. बक्सा ब्लास्ट होने के साथ ही, पहाड़ी पर पहले से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. माओवादियों के इस अचानक हमले में एसडीपीओ विनय भारती, सीआरपीएफ सहायक कमाडेंट जेडी अमर और एक दर्जन जवान शहीद हो गए थे.




