
Ranchi: विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों में बैठकों का दौर जारी है. दिल्ली से लेकर रांची तक चुनाव की रणनीति को लेकर सीनियर और जूनियर लगे हुए हैं. वहीं राज्य सरकार की तरफ से चुनाव की तैयारी जोरों पर है. लोकलुभावन कई घोषणाओं के बाद अब सरकार हर जिले में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार कोशिश में है.
चुनाव से ऐन तीन महीने पहले डीजीपी का बदल दिया जाना इसके साफ संकेत हैं. अब तैयारी सूबे के दूसरे आईपीएस अधिकारियों को बदलने की है. बताया जा रहा है कि इसमें ज्यादातर एसपी रैंक के अधिकारी हैं. वहीं कुछ बड़े आईएएस अधिकारी के बदले जाने या फिर अतिरिक्त प्रभार देने पर भी सरकार विचार कर रही है. लेकिन डीसी लेवल के अधिकारी फिलहाल टेंशन फ्री हो चुके हैं. अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो कुछ एक को छोड़ कर बाकी सभी डीसी अपनी जगह सुरक्षित हैं.
जानें डीसी के टेंशन फ्री होने का कारण
किसी भी तरह के चुनाव में सबसे ज्यादा जिम्मेदार जीले का डीसी होता है. ऐसे में हमेशा कोशिश रहती है कि सरकार के गुड बुक वाले आईएएस अधिकारी ही जिले के डीसी हों. लोकसभा चुनाव के बाद डीसी बदले जाने की बात होने लगी थी. लेकिन फिर से एक बार उनके तबादले पर एक तरह का रोक लग गया है. दरअसल 25 जुलाई से केंद्रीय निर्वाचन आयोग की तरफ से वोटर पुनरिक्षण का काम हर जिले में शुरू हो गया है. यह काम 27 अगस्त तक होना है. इस दौरान राज्य सरकार अगर किसी डीसी का तबादला करती है तो उसे निर्वाचन आयोग की अनुमति लेनी होगी. ऐसे में इन सारी प्रक्रियाओं से सरकार बचना चाहेगी और शायद ही सरकार किसी डीसी का तबादला करे. वहीं वोटर पुनरिक्षण का काम खत्म होते ही 15 सितंबर तक राज्य में आचार संहिता लगने की चर्चा ऐसे में चुनाव से ऐन पहले कोई नया डीसी जिले का प्रभार लेने से हिचकेगा.
इन तीन डीसी का लगभग हो गया कार्यकाल पूरा
निर्वाचन आयोग चुनाव के वक्त चाहता है कि जिले में ऐसे डीसी हों जिनका कार्यकाल उस जिने में तीन साल से कम का हो. डीसी का उस जिले से किसी तरह का पुराना संबंध ना रहा हो. ऐसे में सूबे के तीन ही डीसी हैं जिनका कार्यकाल लगभग तीन साल का हो गया है. गिरीडह के डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और लोहरदगा के डीसी वाघमारे प्रसाद कृष्णा की पोस्टिंग 22 फरवरी 2022 को हुई थी. जो अब लगभग तीन साल पूरा करने को है. वहीं नैंसी सहाय ने बतौर हजारीबाग डीसी 26 फरवरी 2022 को पदभार ग्रहण किया था. उनका भी कार्यकाल लगभग तीन साल पूरा होने को है.




