
Giridih: चुनाव प्रचार का दौर अब खत्म हो चुका है. प्रत्याशी अब बूथ मैनेजमेंट में जुटे हुए हैं. लेकिन बूथ मैनेजमेंट की चिंता से दूर खतियानी संघर्ष मोर्चा से जुड़े निर्दलीय प्रत्याशी और झारखंड में टाइगर के नाम से युवाओं में उभरे जयराम महतो चुनाव से एक दिन पहले शुक्रवार को गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के शहर में वकालत खाना पहुंचे और वकीलों से भेट किया. लेकिन जयराम महतो का अंदाज इस दौरान सबसे अलग दिखा.

सिंपल लाल टी शर्ट, ट्राउजर और सिंपल चप्पल में ही जयराम महतो ने वकीलों से मिलना-जुलना शुरू कर दिया. इस दौरान जयराम महतो को देखकर वकीलों का भी पूरा स्नेह मिला. वकील उनका माथा चूमकर उन्हें समर्थन देने का वादा किया. तो कई वकील उन्हें गले लगाया, कोई जयराम महतो को युवा नेता के साथ झारखंड का भविष्य बताते हुए कहा की आने वाले दिनों में राज्य का हालात बेहतर हो, इसलिए उन्हें ही समर्थन दिया जाएगा.
कमोबेश, जयराम महतो ने भी इस दौरान वकीलों से भेट के दौरान कहा कि उनका मकसद गिरिडीह लोकसभा की जनता पूरा कर रही है. इधर न्यूज विंग से बातचीत में जयराम महतो ने कहा कि वो जनता के लिए एक सनसनी के रूप में संसद जाना चाहते है. क्योंकि, गिरिडीह लोकसभा में उनके समर्थन में जनता की भीड़ भी अब यही चाहती है की जयराम महतो एक प्रखर और बुलंद आवाज गिरिडीह लोकसभा के लिए बने और संसद में जनसमस्याओं को उठाए.
एक सवाल के जवाब में जयराम महतो ने कहा कि उनके समर्थन में भीड़ अब गिरिडीह लोकसभा के नेशनल हाईवे के डिवाइडर में चढ़ कर बातो को सुनती है. लोकसभा में उम्मीद से अधिक उमड़ रही भीड़ से गदगद जयराम महतो ने कहा की उनके समर्थन में उमड़ रही भीड़ अब उन्हें गिरिडीह लोकसभा से जीत दर्ज कराने के जुटती है। क्योंकि, एक नए विचारधारा का शंखनाद हो चुका है. और इसी विचारधारा का शंखनाद मतदान में तब्दील हो कर उन्हें जीत दिलाएगा.
हालांकि बातचीत में जयराम महतो भी परिवारवाद की राजनीतिक पर जमकर भड़के और इशारे में कहा की परिवारवाद की राजनीतिक ने सबसे अधिक भ्रष्टचार पैदा किया. एक सवाल के जवाब में जयराम महतो ने कहा कि वो कभी उद्योग और पूंजीपति के खिलाफ नहीं रहे है. और न रहेंगे, क्योंकि नौकरी सबसे अधिक उसी उद्योग से निकलता है.
लेकिन गोड्डा में एक कंपनी ने जिस प्रकार पॉवर प्लांट के लिए किसानों की जमीन को लिया है वो तरीका गलत है. किसान से लेकर हर वर्ग के लिए जमीन का एक टुकड़ा ही सबसे बड़ी संपत्ति है. जयराम महतो ने बड़े आत्म विश्वास के साथ कहा कि चुनाव जीतने के बाद गोड्डा में किसानों की जमीन लेने के तरीकों को वो संसद में जरूर उठाएंगे. क्योंकि वहां विस्थापन नीति का कोई पालन नहीं किया.




