
Ranchi: किसानों, कृषक महिलाओं एवं युवा उद्यमियों को उन्नत कृषि, पशुपालन, वानिकी, डेयरी, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्द्धन तथा घरेलू एवं अन्य कुटीर उद्योगों से संबंधित आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से दिनांक 2 से 4 मार्च, 2024 तक बिरसा कृषि द्वारा विश्वविद्यालय एग्रोटेक किसान मेला 2024 का आयोजन किया जा रहा है.मेला का केन्द्रीय विषय वस्तु ‘कृषि नवाचारों द्वारा पोषण, आय तथा रोजगार संवर्धन’ है.

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील चन्द्र दुबे ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मलेन में बताया कि मेला में 130 स्टाल लगाये जा रहे हैं, जिनमें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग, संकाय, 11 महाविद्यालय, इकईयां, तीन क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र एवं 24 कृषि विज्ञान केन्द्रों के अलावा झारखण्ड में कार्यरत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शोध संस्थान, कृषि से संबंधित विभाग, बीज, कृषि यंत्र एवं उर्वरकों के निर्माता एवं बिक्रेता, बैंक एवं वित्तीय संस्थान तथा स्वयंसेवी संगठन अपनी तकनीक, सेवाएँ एवं उत्पाद प्रदर्शित करेंगे.
मेला का उदघाटन केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा 2 मार्च को करेंगे. इस दौरान रांची के सांसद संजय सेठ, कांके के विधायक श्री समरी लाल, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजित कुमार सिन्हा तथा भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, नामकुम के निदेशक डॉ सुजय रक्षित इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगेI 04 मार्च को समापन समारोह में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, झारखण्ड के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख भी होंगे I मेला के दूसरे दिन 3 मार्च को पशु-पक्षी प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्रनाथ महतो तथा महिला कृषक गोष्ठी की मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य डॉ महुआ माजी होंगी I प्रेस कॉन्फ्रेंस में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ जगरनाथ उरांव तथा विश्वविद्यालय के डीन डॉ डीके शाही, डॉ एमएस मलिक, डॉ सुशील प्रसाद तथा डॉ एमके गुप्ता भी उपस्थित थे.
सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन
वीसी के मुताबिक कृषि मेला में फल, फूल, सब्जी, मसालों, सजावटी, औषधीय एवं सगंधीय पौधों से संबंधित उद्यान प्रदर्शनी, पशु-पक्षी प्रदर्शनी, कृषि यंत्र प्रदर्शनी, किसान गोष्ठी, प्रायोगिक प्रक्षेत्रों का परिभ्रमण, महिला कृषक संगोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है I तीनों दिन किसानों के लिए कृषि तकनीकों से संबंधित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं द्वारा 3 एवं 4 फरवरी को गीत-संगीत, नृत्य, नाटक से युक्त सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा I इस राज्यस्तरीय आयोजन में प्रान्त के विभिन्न जिलों के किसान बड़ी संख्या में भाग लेंगे.
मेला के मुख्य आकर्षण
धान्य, दलहनी एवं तेलहनी फसलों की उत्पादन तकनीक तथा फूलों एवं सब्जियों की संरक्षित खेती का जीवंत प्रदर्शन I
विश्वविद्यालय एवं अन्य सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों द्वारा कृषि यंत्र, कृषि रसायन, कृषि साहित्य का प्रदर्शन एवं बिक्री I
फसल एवं सब्जियों के संकर बीज एवं पौध सामग्री की प्रदर्शनी एवं बिक्री I
मिट्टी एवं जल की नि:शुल्क जाँच सुविधा I
पशु रोगों की जांच एवं निदान हेतु परामर्श I पशु पालन, प्रबंधन एवं पोषण सम्बन्धी तकनीकी परामर्श I
सामुदायिक विज्ञान विभाग द्वारा द्वारा निर्मित मिलेट्स के विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पादों की बिक्री I
किसानों एवं वैज्ञानिकों तथा कृषि उद्योग से संबंधित उद्यमियों से सीधी चर्चा तथा किसान गोष्ठी एवं महिला कृषक गोष्ठी I
किसानों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों एवं मूल्य संवर्द्धित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री I
प्रयोगात्मक प्रक्षेत्रों का परिभ्रमण
प्रगतिशील एवं नवोन्मेषी किसानों का एग्रोटेक मंच से सम्मान I
कृषि तकनीकों पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन I
सांस्कृतिक संध्या I




