
Ranchi: राइट टू एजुकेशन के तहत तहत 300 विद्यार्थी वाले मेदिनीडीह ग्राम पंचायत, माध्यमिक विद्यालय, देवघर में शिक्षकों की संख्या 9 करने को लेकर दाखिल सोनी कुमारी की जनहित याचिका की सुनवाई गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि उक्त सरकारी स्कूल में जो दो शिक्षक है उनमें से एक के ट्रांसफर की बात है , क्या वह सरप्लस शिक्षक की श्रेणी में आते हैं. कोर्ट ने मामले की सुनवाई एक नवंबर निर्धारित की है। दरअसल प्रार्थी ने याचिका दाखिल कर कहा है कि सरकार के राइट टू एजुकेशन के तहत सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का अनुपात तय है. सरकारी स्कूलों में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है. लेकिन इसका पालन मेदिनीडीह, माध्यमिक विद्यालय देवघर में नहीं किया जा रहा है. प्रार्थी ने उस स्कूल में 300 छात्रों की संख्या को देखते हुए 9 शिक्षकों की बहाली सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव एवं शिवानी जलूका ने पैरवी की.




