
Palamu: जिला व्यवहार न्यायालय के पंचम जिला व सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने हत्या के एक मामले में पति-पत्नी क्रमशः रामचंद्र घासी व फुलमतिया देवी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है. अर्थदंड की राशि नहीं जमा करने पर एक साल अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतानी पड़ेगी.
इस मामले में मनातू थाना क्षेत्र के तीलो ग्राम निवासी अजय कुमार ने मनातू थाना में अपने ही गांव के रामचंद्र घासी, उसकी पत्नी फुलमतिया देवी व बिगन कुमार के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. मनातू थाना कांड संख्या 4/19 तिथि 15 जनवरी 2019 को भारतीय दंड विधान की धारा 323, 341, 324, 302/34 के तहत दर्ज किया गया था.
रामचंद्र घासी, उसकी पत्नी फुलमतिया देवी व बिगन कुमार पर आरोप था कि 13 जनवरी 2019 को शाम 3 बजे सूचक अजय कुमार के पिता शंकर घासी पुआल का गुच्छा अभियुक्त के घर की छत पर रख दिया था. इस बात को लेकर सूचक के पिता शंकर घासी के साथ मुदालय गण ने गाली गलौज की थी व अगले दिन 14 जनवरी को सुबह 6 बजे मुदालय लोग मिलकर गाली गलौज करते हुए सूचक के दरवाजा पर आ गए और ईंट पत्थर चलाने लगे थे.
इस घटना के दौरान जब सूचक तथा उसके पिता शंकर घासी घर से बाहर निकले तो शंकर घासी को पड़कर आलू के खेत में ले गए और रस्सी से उसका हाथ पैर बांधकर उसे टांगी से मारने लगे. शंकर घासी के दोनों पैर और छाती पर टांगी से मारा. सूचक अपने पिता को बचाने गया तो उसे भी रामचंद्र घासी टांगी से मार मारकर उसका बाया हाथ तोड़ दिया. घटना में सूचक के पिता काफी जख्मी हो गए. इसके बाद आरोपी घटनास्थल से भाग गए. हल्ला करने पर अगल-बगल के लोग आए व पुलिस को सूचना दी गई.
सूचक पुलिस की सहायता से अपने पिता को लेकर सदर अस्पताल डालटनगंज गया, जहां उसके पिता शंकर घासी की मौत हो गई. इस संबंध में अदालत ने रामचंद्र घासी व फुलमतिया देवी को साक्ष्य के आधार पर दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वही 25 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया.
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