
Ranchi: कांके विधायक समरी लाल के जाति प्रमाण मामले में सुरेश बैठा एवं राज्य सरकार की अपील की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को हुई. मामले में कोर्ट ने राज्य जाति छानबीन समिति के द्वारा समरी लाल के मामले में अंतिम आदेश पारित नहीं करने के आदेश को बरकरार रखा है. मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी. इससे पहले विधायक समरी लाल के अधिवक्ता एसडी संजय की ओर से कोर्ट से समय की मांग की गई. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष ने भी पक्ष रखा. वहीं सुरेश बैठा की ओर से अधिवक्ता विभाष सिन्हा और अविनाश कुमार ने पक्ष रखा. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आनंदा सेन की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की.
इसे भी पढ़ें: रांची हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने प्रार्थी से पूछा, NIA जांच के लिए शेड्यूल ऑफेंस का मामला बनता है या नहीं, प्रार्थी के अधिवक्ता ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने मामले में अंतरिम आदेश देते हुए कहा था कि राज्य जाति छानबीन समिति की जांच कांके विधायक समरीलाल के मामले जारी रहेगी, लेकिन समिति अपना अंतिम आदेश पारित नहीं करेगी. दरअसल, समरी लाल की ओर से राज्य जाति छानबीन समिति की जांच प्रक्रिया को रोकने का आग्रह ओर से किया गया था. राज्य जाति छानबीन समिति के द्वारा कांके विधायक समरीलाल का जाति प्रमाण पत्र खारिज किए जाने के मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार एवं सुरेश बैठा की अपील दाखिल की है.
पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार और सुरेश बैठा की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि समरी लाल मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं, उनके पूर्वज माइग्रेट होकर झारखंड आए हैं. बता दे कि पूर्व में हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट ने समरी लाल याचिका स्वीकार करते हुए राज्य छानबीन समिति द्वारा समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र को रद्द करने को गलत करार दिया था। साथ ही राज्य छानबीन समिति द्वारा समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र को खारिज किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया था.




