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फादर स्टेन ने कहा – सिर्फ मिशनरी ही नहीं बल्कि सभी NGO की हो CID जांच, प्रतुल ने कहा – आखिर क्या गुल छिपा रहे हैं

Ranchi : मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी ने मिशनरीज से जुड़े एनजीओ पर सीआईडी जांच को पूरी तरह से गलत बताया है. कहा कि यह पूरी तरह से पक्षपात पूर्ण कार्रवाई है. अगर जांच ही करनी है तो सभी एनजीओ की जांच होनी चाहिये. सिर्फ मिशनरीज से जुड़े एनजीओ की क्यों? यह पूरी तरह से अनैतिक है. उन्होंने विदेशों से आने वाले पैसे के बारे में कहा कि इसकी ऑडिट होती है और इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी जाती है. यह अन्याय हो रहा है.

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दो-चार लोगों के कहने पर हो रही जांच : बिशप अमृत

ऑल चर्चेज कमेटी झारखंड के पूर्व अध्यक्ष बिशप अमृत जय एक्का ने कहा कि इस बारे में आर्च बिशप तो बोल ही दिये हैं. यह जांच दो-चार लोगों के कहने पर ही हो रहा है. यह पूरी तरह से गलत है. इस पर हमलोगों की बैठक भी हुयी है. चर्च के लोगों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है. इसका विरोध होना चाहिये. उन्होंने कहा कि अगर जांच करनी ही है, तो सभी एनजीओ की जांच होनी चाहिये.

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10 अगस्त को सीआईडी ने शुरू की थी जांच

झारखंड के 80 से अधिक एनजीओं के दफ्तरों पर सीआईडी ने जांच शुरू की थी. इन सभी एनजीओ पर विदेश से चंदा लेने और उनकी जानकारी सरकार से छिपाने का आरोप है. सीआईडी सूत्रों की माने तो इन 88 एनजीओ ने सरकार के बार-बार के अल्टीमेटम के बावजूद विदेशी फंड के स्रोत की जानकारी नहीं दी थी.

राशि प्राप्त करने वाले एनजीओ को दिया गया था नोटिस

झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग ने 2013 से तीन साल के भीतर में कुल 265 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त करने वाले 88 गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को नोटिस दिया था. एनजीओ से पूछा गया था कि क्या वे प्रासंगिक कानून के तहत पंजीकृत है या नहीं, साथ ही उनके पदाधिकारियों का विवरण, विदेश सहित धन का स्रोत और बीते पांच साल के खर्च व आय का विवरण व अन्य जानकारियां मांगी गई थीं.

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क्या कहते हैं हाईकोर्ट के अधिवक्ता

हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभय मिश्र ने कहा कि गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकार से यह जानकारी मांगी है कि किस एनजीओ को विदेश से कितना पैसा मिल रहा है. इसका लेखा-जोखा किसने नहीं दिया है. किसने छिपाया है. इस कारण इसकी सीआईडी जांच चल रही है. यह नियम के विरुद्ध नहीं है.

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बीजेपी का पलटवार, कहा घबरा क्यों रहे हैं

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज प्रदेश कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने मीडिया से कहा कि आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो का बयान निराधार है. शाहदेव ने कहा कि 88 गैर सरकारी ईसाई संस्थाओं के खिलाफ जो सीआईडी की जांच चल रही है. वह केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुशंसा पर हो रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय फॉरेन फंडिंग पर नजर रखने वाला नोडल एजेंसी है. उसने राज्य सरकार को पत्र लिखकर विदेशों से पैसा प्राप्त करने वाली 88 एनजीओ के कार्यकलापों की गहराई से जांच करने की अनुशंसा की थी. राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के आधार पर इन संस्थाओं की सीआईडी जांच शुरू कराई. श्री शाहदेव ने कहा कि आर्चबिशप का यह बयान भी बिल्कुल निराधार है की सीआईडी ने एनजीओ को सिर्फ 24 घंटे का समय दिया. उन्होंने कहा की सीआईडी ने 15 जून के पहले ही इन संस्थाओं को पत्र लिखकर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था. मगर दो-तीन को छोड़कर किसी एनजीओ भी ने सीआईडी के साथ जांच में सहयोग नहीं किया. अंत में मजबूरन सीआईडी को कड़ा रुख अपनाते हुए एनजीओ को 24 घंटे का नोटिस देना पड़ा. सीआईडी की जांच न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है और इसको अवरुद्ध करने का किसी को हक नहीं है.

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प्रतुल शाहदेव ने आश्चर्य व्यक्त किया कि आखिर किस सच्चाई के सामने आने से ईसाई मिशनरी संस्थाएं इतना घबरा रही हैं. जांच में सब को सहयोग करना चाहिए. ऐसे भी सभी धर्मों का सिद्धांत है की सांच को आंच नहीं आता. फिर किन कारणों से सीआईडी की जांच में रोज नए अवरोध पैदा करने की कोशिश किए जा रहे हैं. इससे ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी की पूरी दाल काली है.

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