
Palamu: पलामू के एसपी इंद्रजीत माहथा ने कहा कि अब अनाथ बच्चों के लालन-पालन के लिए सरकार के द्वारा वैकिल्प अभिभावक की व्यवस्था की जा रही है. इस कार्यक्रम के तहत शून्य से 18 वर्ष के वैसे बच्चे, जो बिना अभिभावक के हों, उनको अभिभावक उपलब्ध कराया जायेगा. इस तरह के बच्चों के पालन पोषण करने वाले वैकिल्पक अभिभावकों को प्रति बच्चे दो हजार रूपये मासिक सरकार उपलब्ध करायेगी. इस कार्यक्रम से अनाथ बच्चों को अभिभावक मिल जायेंगे और उचित तरह से बच्चों का पालन पोषण होगा. साथ ही बच्चे पढ़-लिखकर योग्य नागरिक बनेंगे.
इसे भी पढ़ें- सरकारी पैसा भी जनता का धन, इसके दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठाएं- लोकायुक्त
‘स्पॉन्सरशीप एंड फोस्टर केयर’ कार्यक्रम का आयोजन
एसपी इंद्रजीत माहथा झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला विविध सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में स्थानीय पलामू क्लब में ‘स्पॉन्सरशीप एंड फोस्टर केयर’ पर राज्य में निर्धारित गाइडलाइन्स के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पलामू के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा और विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रफुल कुमार उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा छह माह पूरा कर चुके बच्चों को मुंहजूठी भी करायी गयी.
इसे भी पढ़ें-पांच साल में झारखंड से गायब हुए 2789 बच्चे, लगभग आधे का नहीं मिल सका सुराग
आम नागरिक भी कर सकते हैं अनाथ बच्चों का पोषण
मौके पर प्राधिकार के सचिव प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि राज्य में पूर्व से विभिन्न संस्थाओं के द्वारा अनाथ बच्चों की देख रेख का कार्यक्रम चल रहा, लेकिन इस योजना के तहत आम नागरिक भी अनाथ बच्चों का पालन पोषण कर सकते हैं. कार्यक्रम का संचालन बाल संरक्षण इकाई के पंकज लोचन ने किया.
इसे भी पढ़ें-खुल गई 74 करोड़ की पेशरार एक्शन प्लान योजना की पोल
कौन-कौन थे मौजूद ?
मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुमारी रंजना, सरकारी अधिवक्ता अखिलेश्वर प्रसाद, बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश कुमार, केडी पासवान, अधिवक्ता वीणा मिश्रा, इंदु भगत, संतोष कुमार पांडेय, महिला थाना प्रभारी दुलर चैड़े और जिला योजना पदाधिकारी अरविंद कुमार उपस्थित थे.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं




