
Ranchi: राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी लिट्टीपाड़ा, पाकुड़ राजीव कुमार मिश्रा को दंडित किया है. वर्तमान में वह नगर परिषद मिहीजाम में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. उनके उपर लगे आरोपों के आधार पर सेवा संपुष्टि की तिथि से तीन वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड लगाया गया है. इस संबंध में कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी गई है. उनके उपर उपायुक्त पाकुड़ ने 13 जून 2016 के पत्र के द्वारा आरोप पत्र गठित कर कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी.
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जांच के दौरान यह बात भी सामने आयी थी कि बिना अनुमति के वे मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर वित्तीय अनियमित्ता, मनरेगा योजना अभिलेखों का संधारण नियमानुसार नहीं करने के साथ ही मनरेगा योजनाओं का अभिलेख आदि जांच दलों को जांच के लिए प्रस्तुत नहीं करना शामिल है. पूरे मामले पर विभाग ने जांच कराने पर प्रथम दृष्टया सभी आरोप प्रमाणित पाया गया. हालांकि अपने स्पटीकरण में तत्कालीन बीडीओ ने पिता के कैंसर से देहांत होने व अपने नवजात शिशु का ऑपरेशन कराने की वजह से मानसिक रूप से परेशान होने को कारण बताया. अपने जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद उनके काम में कोई कमी रह गयी तो भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया. हालांकि विभाग उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और कार्रवाई का फैसला लिया है.
एक अन्य मामले में भी हुई मिश्रा पर कार्रवाई
राज्य सरकार ने तत्कालीन बीडीओ पाकुड़ राजीव कुमार मिश्रा पर एक और मामले में कार्रवाई की है. उनका एक वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया है. उनके उपर प्रमंडलीय आयुक्त दुमका के माध्यम से 19 फरवरी 2018 को कार्रवाई की अनुशंसा की गयी थी. उनके उपर मनरेगा योजना से पाकुड़ में चेकडैम निर्माण में गडबड़ी का आरोप लगा था.जांच में यह बात सामने आई कि 8.87 लाख की योजना में चेकडैम नाला व सड़क का प्राक्कलन 3280.84 फीट का बनाया गया था, जबकि सड़क की वास्तविक लंबाई 2290 फीट ही पाई गई. यह बात भी सामने आया कि मनरेगा गाइडलाइन के अनुसार किसी भी योजना में अभिकर्ता बनाने का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन मिलीभगत से प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सुरेंद्र नाथ साहा को अभिकर्ता बनाया गया. इस पूरे मामले की जांच हुई. फर्जी खाता, फर्जी मस्टर रोल तैयार करने की भी बात सामने आयी. विभागीय कार्यवाही चलाई गई. राजीव कुमार मिश्रा ने अपने जवाब में अपने पिता के कैंसर की बीमारी से देहांत होने व नवजात बच्चे के ऑपरेशन की वजह से मानसिक रूप से परेशान होने की बात कही. सरकार उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई और कार्रवाई का फैसला लिया है.




