
Special Correspondent
Ranchi: केंद्रीय पथ,परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रांची को आउटर रिंग रोड निर्माण की सौगात दी. यह रांची का दूसरा रिंग रोड होगा जो वर्तमान रिंग रोड से 10-15 किलोमीटर की दूरी पर बनेगा. रशियन हॉस्टल (पुरानी विधानसभा) के समीप मैदान से उन्होंने रांची में एक और रिंग रोड निर्माण की मंजूरी केन्द्रीय मंत्री ने दी. 5000 करोड़ की लागत से बनने वाले इस रिंग रोड से रांची से सटे 6 जिले हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, खूंटी, जमशेदपुर और रामगढ़ के लोगों को सीधा फायदा होगा.
केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 194 किलोमीटर फोर लेन रिंग रोड निर्माण के लिए डीपीआर बनना शुरू हो गया है. यह रिंग रोड एनएच 75 के ब्राम्बे के आगे उकरीद से बनना शुरू होगा जो एनएच 23 इटकी होते हुए एनएच 75 खूंटी के रानी फॉल के समीप होते हुए एनएच 33 दशम के करीब से निकलेगा और पूरे रिंग (गोलाकार) में निकलते हुए एनएच 33 ओरमांझी के आगे टोल प्लाजा के समीप निकल कर वापस उकरीद तक आकर मिल जाएगा.
झारखंड से नहीं आया एक भी पस्ताव
केन्द्रीय मंत्री ने झारखंड सरकार से रोपवे,केबल रोपवे और हवाई बस सेवा इत्यादि शुरू करने के लिए भी प्रस्ताव मांगा. उन्होंने कहा कि कई राज्यों से अब तक उनके मंत्रालय को 207 प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मिला है पर अभी तक झारखंड से एक भी ऐसा प्रस्ताव नहीं आया है. अगर राज्य प्रस्ताव दे तो केंद्र जल्द इसकी मंजूरी प्रदान करेगा. केंद्रीय मंत्री ने रांची से जुड़ी 9400 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि अभी जो कुछ भी भूमिपूजन, शिलान्यास, लोकार्पण हुआ है वह तो सिर्फ एक ट्रेलर है, 2024 तक झारखंड में दो लाख करोड़ तक की रोड परियोजनाओं की सौगात देंगे.
किसान को बनायेंगे बिटुमिनदाता
गडकरी ने कहा कि किसान पहले अन्नदाता थे,फिर बने उर्जादाता अब बिटुमिनदाता बनायेंगे. उन्होंने कह कि खेती से इथेनॉल बनाने की शुरूआत की, अब खेती के जरिए बिटुमिन का भी उत्पादन किया जायेगा. देश में इस वक्त 80 लाख टन बिटुमिन का उपयोग रोड के लिए होता है, जिसमें 25 हजार करोड़ की लागत आती है. ऐसे में किसानों-खेती व नयी तकनीक जोड़ने से बड़े पैमाने पर बिटुमिन का उत्पादन होगा. किसानों-युवाओं को रोजगार मिलेगा. समृद्धि आयेगी.
लॉजिस्टक कॉस्ट घटाकर 9 प्रतिशत लायेंगे
गडकरी ने रोड इंफ्रास्ट्रक्टर डेवलपमेंट के जरिये 2024 तक लॉजिस्टिक कॉस्ट को 16 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत तक लाने का भी लक्ष्य रखा. जलमार्ग से भी असीम संभावनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को म्यूनिसिपिल वेस्ट के जरिये रोड निर्माण के लिए तकनीक पर जोर दिया. उन्होंने कहा देश में कई ऐसी सड़कों का विकास किया गया है जिससे दूरी घटकर दो घंटे या एक घंटे तक रह गयी है. इस वजह से कई हवाई सेवाएं भी अब बंद हो गयी है. आवागमन रोड के जरिये सस्ता हो रहा है. जल्द ही इथेनॉल,बिजली की गाड़ी का उपयोग बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम किया जायेगा.
रांची से वाराणसी की दूरी महज तीन घंटे में
केंद्रीय मंत्री ने नितिन गडकरी ने जमशेदपुर में देश का पहला डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर का शिलान्यास किया. इसके अलावा उन्होंने रांची से वाराणसी को जोड़ने वाली एनएच 75 के कुडू से भोगू-शंखा तक फोर लेन रोड निर्माण का भी शिलान्यास किया. कहा कि आने वाले समय में महत तीन घंटे में रांची से वाराणसी पहुंचा जा सकेगा. गडकरी ने इसके अलावा बोकारो-गोला-ओरमांझी एक्सप्रेस-वे का भी शिलान्यास सहित 21 परियोजनाओं की रांची से शुरूआत की. रांची व जमशेदपुर मिलाकर कुल 13200 करोड़ की परियोजनाओं की उन्होंने सौगात दी. गडकरी ने इसके अलावा बासुकीनाथ धाम रोड, बगोदर-हजारीबाग फोरलेन रोड, सिमरिया, चाईबासा फोरलेन रोड व जीटी रोड डुमरी के पास फूटओवर ब्रिज निर्माण कराने, मोहम्मदगंज-हंटरगंज रोड, व छह आरओबी, सीआरआईएफ योजनाओं की भी स्वीकृति दी.
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, सांसद संजय सेठ, पलामू के सांसद बीडी राम, विद्युत वरण महतो, रामचंद्र चंद्रवंशी, सीपी सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, एनएचएआई भारत सरकार के पदाधिकारी, झारखंड के क्षेत्रीय पदाधिकारी एसके मिश्र सहित कई अधिकारी उपस्थित थे. इस अवसर बड़ी संख्या में रांची,पलामू बोकारो जिला सभी लोग कार्यक्रम में शामिल हुए.
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