ChaibasaJharkhand

Chaibasa: हेमंत सरकार की 1932 खत‍ियान आधारित स्थानीय नीति का भाजपा नेता अनिल बोदरा ने किया विरोध

Chaibasa: झारखंड सरकार के द्वारा 1932 आधारित स्थानीय नीति के प्रस्ताव लाए जाने के बाद से ही कही समर्थन तो कही विरोध का सिलसिला शुरू होता दिख रहा है. इसी क्रम में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश आईटी सेल प्रभारी अनिल बोदरा ने भी 1932 आधारित स्थानीय नीति का प्रस्ताव लाए जाना का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति के लिए 1932 को आधार बनाए जाने के कारण कोल्हान के लाखों लोगों स्थानीयता एवं नियोजन के लाभ से वंचित रह जाएंगे. उन्होंने कहा कि कोल्हान का सर्वे सेटलमेंट 1964, 1965 तथा 1970 में हुआ था, इसलिए अगर 1932 को स्थानीयता का आधार माना जाता है तो कोल्हान के लोग रिफ्यूजी हो जायेगें क्योंकि झारखंड के हर इलाके में अलग-अलग कालखंड में भूमि सर्वेक्षण का काम हुआ है. इसलिए अलग-अलग इलाके में भूमि का दस्तावेज भी उसी कालखंड के अनुसार बना हुआ है. 1932 कोई एकरूप मानक नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर पुर्नविचार करना चाहिए नहीं तो कोल्हान के लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगें.

ये भी पढ़ें- Jharkhand Sthaniya Niti: झामुमो और कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़, कांग्रेस सांसद गीता कोड़ा की असहमत‍ि और न‍िर्दल व‍िधायक सरयू राय का आईना, ये तस्‍वीर कुछ कहती है

Related Articles

Back to top button