
Ranchi : राज्य का सबसे बड़ा हॉस्पिटल रिम्स आए दिन चर्चा में रहता है. कभी अव्यवस्था को लेकर तो कभी उपलब्धि को लेकर. इस बीच रिम्स के डॉक्टरों ने एक अनोखा ऑपरेशन किया है. मरीज के हार्ट में छेद था और उसकी दोनों किडनी फेल हो गई थी.
ऐसे में डॉक्टरों ने तत्काल उसे डायलिसिस कराने की सलाह दी. लेकिन डायलिसिस करने के बाद की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ने लगी. ऐसे में यूरोलॉजी के डॉ अरशद जमाल और उनकी टीम ने मरीज का ऑपरेशन करने की योजना बनाई और सीएपीडी लगाया गया. सिस्टोस्कॉपिक गाइडेड सीएपीडी इनसर्शन के बाद अब मरीज स्थिर है और कार्डियोलॉजी में उसका इलाज चल रहा है.
क्या है मामला
वंदना कुमारी नाम की मरीज रिम्स के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में हार्ट में छेद की समस्या लेकर एडमिट हुई थी. जिसे ASD कहा जाता है. उसकी दोनों किडनी भी फेल हो गई थी. उसे नेफ्रोलॉजी विभाग से डायलिसिस कराने की सलाह दी गई. डायलिसिस के दौरान उसका बीपी कम हो जाता था.
इसके बाद नेफ्रोलॉजी विभाग ने उसे CAPD की सलाह दी. यूरोलॉजी विभाग में डॉ अरशद जमाल ने उसे देखा और CAPD INSERTION करने का निश्चय किया. हार्ट में छेद होने की वजह से मरीज को किसी भी तरह का जनरल एनेस्थीसिया संभव नहीं हो पाया. ऐसे में CAPD INSERTION लोकल एनेस्थिसिया में सिस्टोस्कॉपी CYSTOSCOPIC गाइडेंस में किया गया. अबतक ये टेक्निक विश्व में कहीं भी पब्लिश्ड नहीं है. वहीं सीएपीडी के बाद अब उसका डायलिसिस भी आराम से हो सकेगा.
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