
Jamshedpur : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक मरीज की मौत के बाद परिजन आपस में ही एक – दूसरे पर आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे. इस दौरान मौके पर मौजूद अस्पताल के गार्ड मूकदर्शक बने रहे. इस बीच उन्होंने इमरजेंसी वार्ड के एक मरीज को आक्सीजन लगा रहे वार्ड ब्वाय विकास रजक पर ही आक्सीजन का सिलेंडर गिरा दिया. जब तक विकास खुद को बचा पाता तब तक सिलेंडर उसके कंधे पर गिर गया. इस घटना में विकास की मदद कर रही एक महिला कर्मी पुनीता देवी को भी चोट आई है. विकास का बांया कंधा टूट गया जबकि पुनीता के पैर में चोट आई है. हंगामा करते हुए परिजनों को जब अस्पताल के कर्मचारियों ने समझाने का प्रयास किया तब भी परिजन मानने को तैयार नहीं थे. लगभग एक घंटे तक हंगामा करने के बाद परिजन शव को लेकर अस्पताल से चले गए.
मिली जानकारी के अनुसार मानगो डिमना रोड के शर्मा लाइन निवासी 25 वर्षीय मोनू शर्मा उर्फ रौशन शर्मा की तबीयत बिगड़ने पर सुबह 9 बजे परिजन उसे एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे थे. तब उसकी सांसे चल रही थी. डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए अच्छे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी पर परिजन उसे नहीं ले गए जिससे अस्पताल में ही मोनू ने दम तोड़ दिया. परिजन आपस में ही एक – दूसरे पर मोनू को जहर खिलाकर मारने का आरोप लगाते हुए हंगामा करते रहे. अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि हंगामा के दौरान कोई भी गार्ड मामले को शांत कराने नहीं आया. गार्ड को मामला शांत कराने के लिए कहा तो गार्ड ने जवाब दिया कि उनकी ड्यूटी कहीं और लगी है. इस मामले में जब अस्पताल अधीक्षक अरुण कुमार से बात की गई तो उन्होंने मामले को लेकर लिखित शिकायत नहीं मिलने की बात कही. उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत करने पर कार्रवाई की जाएगी.
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