
Sahibganj: जिले के बरहेट भोगनाडीह में आदिवासी सेंगल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद सलखान मुर्मू के नेतृत्व में वीर शहीद सिदो-कान्हू की पवित्र भूमि में पांच राज्य बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा व आसाम से आए सेंगेल अभियान से जुड़े आदिवासियों की बैठक हुई.
इसे भी पढ़ेंं: JHARKHAND: भाजपा की चिंता, सूचना आयोग में आयुक्तों की नियुक्ति नहीं होने से राज्य में RTI कानून की अवहेलना
जिसमें सलखान मुर्मू ने कहा कि संथाल विद्रोह के नायक सिदो-कान्हू की जन्मस्थली की मिट्टी में वीरता है. इसलिए यहां की वीर मिट्टी को शहीद के वंशज परिवार ने हमें दिया है. उन्होंने कहा कि हम संथाल को फिर से विजयी बनाना चाहते हैं. उन्होंने तीन मांगों को लेकर शपथ ली. पहला केंद्र सरकार आदिवासी सरना धर्म कोड को लागू करें. इसको लेकर 30 जून को दिल्ली में रैली करेंगे. दूसरा संथाली भाषा जो आदिवासियों की सबसे बड़ी भाषा है और आठवीं अनुसूची में शामिल है इसे झारखंड में राजभाषा का दर्जा दिया जाए. इसके लिए 30 अप्रैल को रांची में रैली करेंगे. वहीं तीसरा संथाल आदिवासियों का जो स्वशासन व्यवस्था है, वो पुराने समय से चला आ रहा है इसमें जनतांत्रिक तरीके से सुधार लाएंगे. बैठक में वंशज परिवार की बिटिया के अलावे आदिवासी सेंगेल अभियान के केंद्रीय संयोजक सह संथाल परगना प्रभारी बीमो मुर्मू पांच राज्यों से आए सेंगेल अभियान से जुड़े नेतागण व अन्य उपस्थित रहे.




