
Nikhil Kumar
Ranchi: झारंखड में विधायक फंड के लिए पहले से जारी 649.30 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब अब तक सरकार के पास नहीं पहुंचा है और अब राज्य में एमएलए फंड से कुछ शर्तों के साथ एकमुश्त निकासी की छूट प्रदान कर दी गयी है. ग्रामीण विकास विभाग ने नियमों को शिथिल करके इस आशय का संकल्प जारी कर दिया है.
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ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट ने जो रिपोर्ट महालेखाकार को सौँपी है, उसके अनुसार राज्य के सभी जिलों व विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर 649.30 करोड़ रुपये का डीसी विपत्र अब भी लंबित है. विभाग की ओर से कई दफा डीसी बिल का हिसाब देने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसकी सूची लंबी ही होती जा रही. विधायक से लेकर जिले के अधिकारी तक डीसी बिल जमा करने में कोताही बरत रहे है. इधर, इस वित्तीय वर्ष 2021-22 की समाप्ति होते देख शेष बचे माह में विधायक योजना की निधि की निकासी की स्वीकृति दी गयी है. विभाग की ओर से कहना है कि ऐसा नहीं करने पर विधायकों द्वारा ली जाने वाली योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. ऐसे में राशि की एकमुश्त निकासी की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
विधायक योजना से 328 करोड़ दिए जाते हैं
विधायक फंड से राज्य के प्रत्येक विधायक को विधानसभावार चार-चार करोड़ रुपये दिए जाते हैं. राज्य में 81 विधानसभा निर्वाचित और एक मनोनीत विधायक हैं. ऐसे में 82 विधायकों के लिए विधायक फंड से हर साल 328 करोड़ रुपये का प्रावधान है. ग्रामीण विकास विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि निर्गत 328 करोड़ में जितनी राशि की निकासी अब तक की जा चुकी है, उसे छोड़कर शेष राशि की एकमुश्त निकासी की स्वीकृति दी जाती है.
विधायक फंड से होता है यह काम
विधायक योजना से प्रत्येक विधानसभा में विकास के कार्य किए जाते हैं. यह कार्य विधायक अनुशंसा पर एमएलए फंड से किया जाता है. विधानसभा क्षेत्र की जरूरत के अनुसार सड़क, नाली, शौचालय समुदायिक भवन, पेयजल,सिंचाई सहित वैसी योजनाएं जो जनहित में जरूरी हों, ली जाती है . विधायक इसके लिए अनुशंसा करते हैं जिसके बाद विभाग इसकी स्वीकृति प्रदान करता है.
इन शर्तों पर मिली निकासी की छूट
वित्तीय वर्ष 2020-21 तक की लंबित डीसी विपत्र की राशि का शत-प्रतिशत समायोजन माह मार्च 2022 तक कराया जाये.
वित्तीय वर्ष 2021-22 में निकासी की गयी राशि का न्यूनतम 66 प्रतिशत समायोजना मार्च 2022 तक कराया जाये.
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