
♦राज्य बनने के बाद पहली बार अपनी धरती पर पावर प्लांट से होगा उत्पादन
Chaya
Ranchi : झारखंड के कोयले से भले देश के तमाम बिजलीघर संचालित होते हैं, लेकिन तल्ख हकीकत यह है कि राज्य बनने के बाद यहां न तो सार्वजनिक क्षेत्र का कोई पावर प्लांट लगा और न ही राज्य में पहले से चल रहे पावर प्लांटों की उत्पादन क्षमता बढ़ी. राज्य बनने के 20 साल बाद पहली बार झारखंड की धरती पर सार्वजनिक क्षेत्र के किसी पावर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू होने जा रहा है. जी हां, चतरा जिले के टंडवा में 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी ने एनटीपीसी की जिस नॉर्थ कर्णपुरा परियोजना का शिलान्यास किया था, उसमें अब उत्पादन की तैयारी लगभग पूरी हो गयी है. सब कुछ ठीक रहा तो आगामी मार्च महीने से इस पावर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू हो जायेगा. प्लांट में उत्पादन शुरू होने के झारखंड को लगभग पांच सौ मेगावाट बिजली मिलेगी.
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1450 मेगावाट बिजली जायेगी सेंट्रल पूल को
झारखंड में वर्तमान में पिक ऑवर में बिजली की डिमांड 1600 मेगावाट है. शाम के वक्त यह डिमांड लगभग 1300 मेगावाट होती है. एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा प्लांट से 500 मेगावाट बिजली मिलने से झारखंड की बिजली की जरूरतें काफी हद तक पूरी हो सकेंगी. ट्रांसमिशन लाइन से होनेवाले लॉस में भी कमी आयेगी और इससे अंततः झारखंड को राजस्व की बचत होगी. वर्तमान में राज्य सरकार के अपने बिजली उत्पादन का स्रोत सिर्फ सिकिदरी हाइडल पावर प्लांट है. जो पानी की कमी के कारण आये दिन बंद रहता है.एनटीपीसी के पावर प्लांट में कुल तीन यूनिटें बन रही हैं. एक यूनिट से अधिकतम आठ सौ मेगावाट बिजली उत्पादन हो सकता है, लेकिन कंपनी की ओर से अभी प्रति यूनिट 650 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में प्लांट से लगभग 1950 मेगावाट बिजली उत्पादन हो पायेगा. पांच सौ मेगावाट राज्य सरकार को देने के बाद, 1450 मेगावाट केंद्रीय पूल में दे दी जायेगी, जिससे अन्य राज्यों को बिजली मिलेगी.
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ट्रांसमिशन लाइन से जोड़ने की चुनौती
हालांकि एनटीपीसी के पावर प्लांट को ट्रांसमिशन लाइन से नहीं जोड़ा गया है. इस प्लांट को चतरा- गढ़वा ट्रांसमिशन लाइन से जोड़ते हुए सेंट्रल पूल से जोड़ा जायेगा. बता दें इस इस प्लांट से संचरण संभव हो इसके लिये अडाणी ग्रुप की ओर से ट्रांसमिशन लाइन बनाया जा रहा है. पिछले दिनों कोरोना लॉकडाउन के कारण प्लांट निर्माण और ट्रांसमिशन लाइन का काम प्रभावित रहा था. अनलॉक फेज स्टार्ट होने के बाद, कपंनी ने प्लांट निमार्ण में तेजी दिखायी.
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