
Palamu / Garhwa: गढ़वा जिले के सदर प्रखंड के पचपड़वा गांव में मई महीने का राशन नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं द्वारा जमकर हंगामा किया गया. इस दौरान पीडीएस डीलर पर मई महीने का राशन गबन करने का आरोप लगाया गया.
हालांकि इस दौरान उपभोक्ताओं द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का कोई ख्याल नहीं रखा गया. बड़ी संख्या में उपभोक्ता एक ही जगह पर खड़े होकर डीलर के खिलाफ विरोध दर्ज करते नजर आये और अनुज्ञप्ति रद्द करने की मांग की. इस सिलसिले में गढ़वा के एसडीओ को आवेदन दिया गया है.
गढ़वा सदर प्रखंड के पचपड़वा गांव में लक्ष्मी सहायता समूह के नाम से पीडीएस दुकान संचालित है. कार्डधारियों का आरोप है कि खाद्यान्न देने के दौरान समूह के डीलर द्वारा उन्हें बेवजह परेशान किया जाता है और अवैध वसूली की जाती है. मई महीने का राशन भी गबन कर दिया गया है. दो किलो कम राशन देने का आरोप भी लगाया गया.
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अक्सर डीलर कुछ ना कुछ बहाना बनाकर भगा देता है – कार्डधारी
कार्डधारियों ने शिकायत करते हुए कहा कि जब राशन के लिए दुकान पर जाते हैं, तो डीलर सीधे मुंह बात तक नहीं करती. दबाव देने पर मारपीट और अभद्र व्यवहार पर उतारू हो जाते हैं. मारपीट में पिछले दिनों पचपड़वा के उपभोक्ता श्याम लाल भाटिया का पैर फ्रैक्चर हो गया.
कार्डधारियों ने यह भी बताया कि बिना कुछ कहे सुने समूह डीलर द्वारा हम लोगों से 10 रूपये और आधार कार्ड की फोटो कॉपी मांगी जा रही है. पूछे जाने पर बोला जाता है कि ऊपर से आदेश है. कार्ड धारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब हम पर्ची निकलवाने जाते हैं तो समूह अध्यक्ष मंजू कुंवर के द्वारा कहा जाता है कि कल आइए तो शाम में आइये तो कभी मीटिंग में हैं. इससे वे बेवजह परेशान हो जाते हैं.
साथ ही आरोप लगाया गया कि ये मामला पिछले कई सालों से चलता आ रहा है. लेकिन पदाधिकारी इस मामले पर कान में तेल डालकर सोये हुए हैं. मई महीने का राशन कई लोगों को नहीं मिला है.
उपभोक्ताओं द्वारा डीलर के खिलाफ हंगामा खड़ा करने की सूचना पर महुलिया के मुखिया श्रीनिवास राम और बीडीसी ओम सिंह के द्वारा लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया गया.
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क्या है स्थिति?
बताया गया कि मई महीना का राशन टोटल 71 क्विंटल का उठाव डीलर द्वारा कर लिया गया है. 50 केजी चावल और 9 क्विंटल 10 केजी गेंहू है. टोटल कार्डधारक लगभग 350 हैं, जिसमें मई महीने का कुछ ही लोगों को राशन मिला है, बाकी लोगों का नहीं मिला है और फर्जी तरीके से कार्ड पर चढ़ा दिया गया है.
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