
New Delhi: कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है. लॉकडाउन के दूसरे दिन ही लोग घरों में ऊबने लगे हैं. इसके लिए उनके पास इंटरनेट के अलावा टेलीविजन भी एक सहारा है. लोग इसमें अच्छे कार्यक्रम की तलाश में हैं.
ऐसे में दूरदर्शन एक बार फिर से अपने सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों रामायण और महाभारत का प्रसारण कर सकता है. यह मांग सोशल मीडिया में उठी है.
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देश में रहती थी लॉकडाउन जैसी स्थिति
25 जनवरी, 1987 से 31 जुलाई, 1988 तक यानी कि लगातार 75 रविवारों तक रामायण का प्रसारण हुआ था. उस दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में लॉकडाउन जैसी ही स्थिति रहती थी. न कोई दुकान खुलती थी औऱ न ही लोग सड़कों पर निकलते थे.
रामानंद सागर निर्मित रामायण का प्रसारण प्रत्येक रविवार को राष्ट्रीय टेलीविजन दूरदर्शन पर 35 मिनट के लिए होता था.
इसकी लोकप्रियता इतनी थी कि जी टीवी और एनडीटीवी इमेजिन जैसे निजी चैनलों ने भी दोबारा इसका सफलतापूर्वक प्रसारण किया.

रामायण के बाद बारी थी महाभारत की. इसका निर्माण बीआर चोपड़ा ने किया था. यह एक घंटे का धारावाहिक था. चोपड़ा प्रोडक्शन ने 24 जून, 1990 तक लगातार 94 रविवार इसका प्रसारण किया.
सोशल मीडिया में उठी है बात
Yes we are working on the same with the Rights Holders. Will update shortly. Stay tuned. https://t.co/2Jhjw2qD3s
— Shashi Shekhar (@shashidigital) March 25, 2020
एनडीटीवी इंडिया के राजनीतिक संपादक और एंकर अखिलेश शर्मा ने इन धारावाहिकों के फिर से प्रसारण की बात ट्विटर पर कही थी. अनुरोध के जवाब में प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशि शेखर ने 25 मार्च को ट्वीट कर कहा कि उनका विभाग चोपड़ा प्रोडक्शन से इन कार्यक्रमों का अधिकार मांग रहा है.
शेखर ने ट्वीट कर कहा, ‘हां हम इस संबंध में अधिकार धारकों से बात कर रहे हैं. जल्द ही सूचित करेंगे. हमारे साथ बने रहिए.’
इस बीच, 25 मार्च को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि महाभारत की लड़ाई 18 दिनों में जीती गयी थी और कोरोना वायरस पर 21 दिनों में विजय हासिल किया जायेगा. इस दौरान उन्होंने लोगों से घर के अंदर रहने और बंद को सफल बनाने के लिए कहा था.
इसके जवाब में पौराणिक कथाओं के मशहूर लेखक देवदत्त पटनायक ने ट्वीट कर कहा कि जब ‘राजनेता’ 18 दिनों में महाभारत जीते जाने का जिक्र करते हैं तब वे इस बात जिक्र करना भूल जाते हैं कि ‘जीतने’ वाले (पांडव) ने अपने सभी बच्चों (अभिमन्यू, घटोत्कच, अरावन, उपपांडव) को खो दिये थे. यह जीत की कीमत थी.
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न्यूज विंग की अपील
देश में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि तमाम नागरिक संयम से काम लें. इस महामारी को हराने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक उन निर्देशों का अवश्य पालन करें जो सरकार और प्रशासन के द्वारा दिये जा रहे हैं. इसमें सबसे अहम खुद को सुरक्षित रखना है. न्यूज विंग की आपसे अपील है कि आप घर पर रहें. इससे आप तो सुरक्षित रहेंगे ही दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे.
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