
Daltonganj : पलामू जिला मुख्यालय डालटनगंज से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित चैनपुर बीआरसी में लंबे समय से रखे गए पोर्टेबल शौचालय अपने उपयोग की बांट जोह रहे हैं. रखे-रखे कई शौचालय क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि कई में जंग लग गया है.
सबसे बड़ी बात यह है कि इस रेडिमेड शौचालय को बीआरसी में लाकर किसने रखा है इसकी जानकारी किसी को नहीं है. पीएचइडी, बीडीओ, बीइइओ सहित अन्य अधिकारियों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. जनता की गाढ़ी कमाई से खरीदा गया लाखों का शौचालय पड़ा-पड़ा ऐसे ही बर्बाद हो रहा है और अधिकारियों को इसकी जरा भी फिक्र नहीं है.
इसे भी पढ़ें- आर्चबिशप अनिल कुटो की ईसाई धर्मावलंबियो से अपील- लोकतंत्र बचाने के लिये हर शुक्रवार रखें व्रत
स्कूलों में होना था शौचालय का इस्तेमाल
जानकार सूत्र बताते हैं कि पॉर्टेबल शौचालय का इस्तेमाल स्कूलों में होना था. सर्वशिक्षा अभियान के तहत इसे तैयार किया गया था. बीआरसी में एक साथ 50 से अधिक शौचालयों का रखा जाना भी इस बात को पुख्ता करता है. लेकिन किसी को इस बारे में कोई जानकारी नहीं होना, समझ से परे लगता है.
शिकायत के बाद भी पड़े रहे शौचालय
लाखों रूपये की लागत से तैयार शौचालय कचरे की ढ़ेर की तरह फेंका हुआ है. इनमें से कई शौचालय तो क्षतिग्रस्त भी हो चुके हैं. लोगों की शिकायत के बाद भी कोई भी विभाग ये स्पष्ट तौर पर बताने को तैयार नहीं है कि आखिर लावारिस पड़े दर्जनों शौचालय किस विभाग के हैं. पीएचइडी हो या चैनपुर प्रखंड प्रशासन किसी को नहीं पता कि शौचालय किसका है. सरकारी बाबूओं के इस रवैए से लोगों में काफी नाराजगी है.
इसे भी पढ़ें- राज्यकर्मियों के लिए खुशखबरी, प्रोन्नति पर लगी रोक हटी, आदेश जारी
सरकारी राशि का दुरूपयोग-मुख्यमंत्री से दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष परशुराम ओझा ने पूरे मामले में सरकारी राशि का दुरूपयोग होने का अंदेशा जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सरकारी राशि से आखिर किन परिस्थितियों में इतने बड़े पैमाने पर शौचालय का निर्माण किया गया था. अगर शौचालय बना तो फिर उसका उपयोग क्यों नहीं हो रहा है? सरकारी राशि का इतने बड़े पैमाने पर दुरूपयोग होने के लिए आखिर कौन दोषी है? जिला प्रशासन के स्तर से भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि इस मामले की जानकारी पलामू उपायुक्त को दे दी गयी है. उन्होंने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि शौचालय का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.




