
Ranchi: बजट सत्र के दौरान बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन की सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. श्री मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने गड़बड़ी का हवाला देकर जनवरी में सभी ऑनगोइंग प्रोजेक्ट पर भी रोक लगादी थी.
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उसी एक महीने में ठेकेदारों को बुला-बुला कर पर्सेंटेज फिक्स किया गया. मामला मोल-तोल के बाद फाइनल हो गया, तो डेढ़ महीने के बाद ऑर्डर किया गया कि काम भी होगा और निकासी भी होगी.
उन्होंने कहा कि अगर गड़बड़ी हुई थी तो सरकार को बताना चाहिए कि एक महीने में कितनी जांच हुई, किसने-किसने जांच की और उस जांच में क्या पाया.
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सरकार के खजाने में पैसा भरा हुआ है, पड़ा हुआ है और काम नहीं हो रहा
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार बार-बार कह रही है कि खजाना खाली है. पर ऐसा नहीं है सरकार के खजाने में पैसा है, भरा हुआ है, पड़ा हुआ है और काम नहीं हो रहा है.
सरकार के श्वेत पत्र जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र बिल्कुल सामान्य है. उसमें बताया गया है कि कब-कब कैसे-कैसे पैसा आया और व्यय हुआ.
उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र में आय व्यय की विवरणी ही दी गयी है. आय-व्यय की विवरणी बजट की सामान्य प्रक्रिया में रहती ही है. कुछ नया नहीं हुआ है सिर्फ राजनीतिक रंग दिया गया है.
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बाबूलाल को लेकर ही नहीं चल रहा सदन
एक महीने तक चलनेवाले बजट सत्र को पहले दो दिनों तक बाधित ही रखा गया है. भाजपा के विधायक बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी नहीं दिये जाने को लेकर हंगामा कर रहे हैं. भाजपा के विधायकों ने इसको लेकर सोमवार को सदन के बाहर और अंदर दोनों जगह हंगामा किया है. विधायकों का कहना है कि जब तक बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष नहीं मान लिया जाता, सदन चलने नहीं देंगे.
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