
- Abhinash Mishra
Jamshedpur: चुनावी शोरगुल थमने के बाद शुक्रवार को सीएम रघुवर दास जनसंपर्क के लिए जमशेदपुर कोर्ट पहुंचे. कोर्ट परिसर में वकीलों से मुलाकात कर कमल के लिए वोट मांगने के दौरान उनकी एक वकील से बहस हो गयी.
बहस इतनी बढ़ गई कि मुख्यमंत्री आपे से बाहर नजर आये और वकील को जमकर खरी-खोटी सुनाई. बहस बढ़ता देख सुरक्षा बलों और वकीलों ने सीएम को समझा-बुझा कर मामला शांत कराया और तब सीएम आगे बढ़े.
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क्यों भड़के मुख्यमंत्री रघुवर दास?
कोर्ट परिसर में घूमते हुए वकीलों से मुलाकात के दौरान शिवप्रकाश नाम के एक वकील ने मुख्यमंत्री से सरकारी स्कूलों की दुर्दशा पर कुछ सवाल किए. लेकिन लगता है कि ये सवाल रघुवर दास को रास नहीं आया और उन्होंने गुस्से में शिवप्रकाश को चुपचाप रहकर अपने काम पर ध्यान देने को कहा. फिर भी शिवप्रकाश चुप नहीं हुए.
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शिवप्रकाश ने अपने सवाल को दोहराते हुए कहा कि केवल 370 हटाकर खुश मत रहिए. इसपर सीएम आपे से बाहर हो गए. गुस्से से आगबबुला ऱघुवर दास ने भी पीछे मुड़कर फिर से वकील को चुप रहने के लिए कहा. इतना ही नहीं आगे बढ़ते हुए सीएम ने उन्हें विरोधी की तरह बात न करने की भी नसीहत दी. साथ ही सवाल किया कि विपक्ष के आदमी हो क्या जो भारत मां की कद्र नहीं करता.
बाद में बात बढ़ता देख परिसर में मौजूद दूसरे वकीलों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की. और गुस्सा शांत करने के लिेए वकील उन्हें चाय की दुकान पर ले गए. इस दौरान वहां मौजूद लोगों के साथ सीएम ने चाय पी. जिसके बाद मामला शांत हुआ.
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