
Palamu : पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप ऑन लाईन आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर आज बुधवार दूसरे भी पलामू जिला समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहा. अनशन के दूसरे दिन में डॉक्टरों के द्वारा अनशनकारियों का बीपी चेकअप किया गया. इस क्रम में छात्रों से मिलने कल्याण पदाधिकारी आये और अनशन तोड़ने का आग्रह किया.
अनशन पर बैठे छात्र नेताओं ने कहा कि आईसा के सदस्य पहले भी छात्रवृत्ति को लेकर कल्याण विभाग के पदाधिकारी से मिला था 03 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को विश्वविद्यालय से समाहरणाय तक मार्च निकाला कर व ज्ञापन सौंप कर उपायुक्त व कल्याण पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल व कल्याण सचिव से तिथि बढ़ाने के लिए आग्रह कर चुके हैं.
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25 अक्टूबर को ई-कल्याण पोर्टल से ऑन लाईन आवेदन बंद कर दिया गया
छात्र नेताओं ने कहा कि इसके बाद भी तिथि नहीं बढ़ायी गयी. 25 अक्टूबर को ई-कल्याण पोर्टल से ऑन लाईन आवेदन बंद कर दिया गया. अनशन में शामिल आईसा जिलाध्यक्ष दिव्या भगत ने कहा कि एक साजिश के तहत दलित व आदिवासी छात्रों को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश रची जा रही है, तभी झारखंड में छात्रों के लिए तिथि की ऐसे समय में घोषणा की जाती है, जिस समय अधिकांश पर्व त्योहार रहते हैं और कॉलेज में छुटियां रहती हैं, जिसके कारण आधिकांश दलित, आदिवासी और पिछड़ा समुदाय के छात्र पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए ऑन लाइन आवेदन नहीं कर पाते हैं.
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छात्रवृत्ति का ऑनलाइन फॉर्म भरने में छात्रों को परेशानी
आईसा के जिला सचिव रंजित कुमार सिंह ने कहा कि कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति का ऑनलाइन फॉर्म भरने में छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने तथा कॉलेज का रिजल्ट समय पर प्रकाशित नहीं होने के कारण स्कॉलरशिप का लाभ बोनाफाइड छात्रों को नहीं मिल रहा है. आय , जातीय व स्थानीय प्रमाण पत्र बनाने में काफी असुविधा है. जिसके कारण छात्र समय पर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जातिए व अन्य पिछड़े अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र स्कॉलरशिप से वंचित रह जा रहे हैं. उन्हें पैसे के अभाव में उच्च शिक्षा पाने में परेशानी हो रही है. इसके अलावा कॉलेज व हॉस्टल में कई समस्याएं हैं.
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सरकार लगातार छात्रवृत्ति की राशि में कटौती कर रही है
छात्र नेता त्रिलोकीनाथ ने कहा कि सरकार लगातार छात्रवृति की राशि में कटौती कर रही है. उन्होंने कहा कि मख्यमंत्री रघुवर दास ने, जिनके पास वित्त विभाग भी है, 22 जनवरी 2019 को झारखंड का बजट पेश किया था.
कुल बजट 95426 करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया. उच्च शिक्षा बजट को अगर देखते हैं, तो हम पाते हैं कि उच्च एवं यांत्रिक शिक्षा विभाग में Scheduled Castes Component (SCC) और Scheduled Tribe Component (STC) से उच्च शिक्षा की 40 योजनाओं में से मात्र 1 ही योजना से दलित और आदिवासी समुदाय के छात्रों को सीधे तौर पर लाभ होगा.
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) Under (CSPS),के लिए मात्र 15 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, इससे साफ पता चलता है कि सरकार अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश रच रही है, जिसे छात्र बर्दास्त नहीं करेंगे. आईसा ने आरोप लगाया कि रघुवर सरकार की नीति छात्र विरोधी हैं. अनशन में आईसा छात्र संगठन से दानिश शेख रौशन कुमार बिकास कुमार मेहता,अमित कुमार, गुड्डू कुमार, सुधीर कुमार और शशिकांत कुमार शामिल हुए हैं.




