
Palamu: पलामू जिले के पांडू, रेहला और उंटारी प्रखंड क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से ग्रामीण जंगली हाथी के आतंक से परेशान हैं. एक जंगली हाथी जब मर्जी वन क्षेत्र से आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच जाता है और जमकर उत्पात मचाता है. पालतू जानवरों के साथ-साथ ग्रामीणों पर हमला बोल देता है.
कई पालतू जानवर अबतक हाथी के हमले में मारे जा चुके हैं. एक ग्रामीण भी गंभीर हो गया था. उसका इलाज चल रहा है. बावजूद इसके वन विभाग हाथी को भगाने में अबतक सफल नहीं हो सका है.
पांडू के बंदला गांव में हाथी का आतंक
इन दिनों पांडू प्रखंड के बंदला गांव में हाथी का आतंक देखा जा रहा है. मंगलवार को पूरे दिन गांव की गलियों में हाथी विचरण करते नजर आया. हाथी को देखकर ग्रामीणों में लंबे समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा.
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कई पालतू मवेशियों पर जान की आफत बनी रही. गांव में विचरण करते हुए जब हाथी सड़क से गुजरा तो गांव में सन्नाटा पसर गया. लोग घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दुबक गए. पक्के मकान वाले छतों पर चढ़कर हाथी की करतूत देखते रहे.
पालतू जानवरों की जान पर बनी रही आफत
गांव में घुसने के बाद हाथी पालतू जानवरों के पास काफी देर तक खड़ा रहा. हालांकि इस दौरान कुछ साहसी ग्रामीणों ने हाथी की तस्वीरें ली और वीडियो बनाया. वीडियो में हाथी गांव की एक सड़क पर पालतू जानवरों के पास खड़ा था.
बार-बार वह पालतू जानवरों को घसीट रहा था. ग्रामीण हाथी की इस करतूत को देखकर आतंकित थे. ग्रामीणों को लगा कि कहीं हाथी उनके पशुओं को पटकर मार न डाले. हालांकि ऐसा नहीं हुआ और काफी प्रयास के बाद ग्रामीण, वन विभाग और पांडू पुलिस हाथी को भगाने में सफल हुए.
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असनौलिया में मचा चुका है उत्पात
इससे पहले जंगली हाथी पांडू प्रखंड क्षेत्र में ही असनौलिया गांव में घुस आया था और जमकर उत्पात मचाया था. गत 25 अक्टूबर की मध्य रात्रि असनौलिया निवासी दीपक पाठक के घर हमला बोला और कच्चे मकान को ध्वस्त कर दिया.
घटना के समय दीपक पाठक और उसका परिवार सो रहा था. इस घटना में दीपक और उसका परिवार बाल-बाल बच गया.
वन विभाग बना है उदासीन
हाथी को जंगली क्षेत्र में खदेड़ने में वन विभाग अबतक उदासीन बना हुआ है. लंबे समय पहले वन विभाग द्वारा हाथी को भगाने के लिए बाहर से स्पेशल दल मंगाया गया था, लेकिन उस समय हाथी कहीं दिखा ही नहीं.
नतीजा हाथी भगाने वाला दल जंगलों की खाख छानने के बाद वापस लौट गया. अब चूकि लगातार हाथी दिख रहा है, लेकिन वन विभाग हाथी को भगाने में उदासीन बना हुआ है और स्थिति दिन प्रतिदिन भयावह होते जा रही है.
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