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जमशेदपुर: अपराधियों के लिए सुधार गृह नहीं ट्रेनिंग सेंटर बना घाघीडीह जेल, हो रहा गैंगवार

Saurav Singh

Jamshedpur: जमशेदपुर का घाघीडीह सेंट्रल जेल इन दिनों अपराधियों के लिए सुधार गृह नहीं बल्कि ट्रेनिंग सेंटर बन गया है. जेल के अंदर गैंगवार की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए ये कहना शायद गलत नहीं. जेल में बंद कुख्यात अपराधी यही से अपना गिरोह चला रहे हैं.

जेल में रहकर भी रंगदारी की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा घाघीडीह सेंट्रल जेल गैंगवार का अड्डा बन भी गया है. आये दिन जेल में अपराधियों के दो गुटों के बीच मारपीट होती रहती है. मारपीट का ये मामला कभी-कभी जानलेवा हमले में तब्दील हो जाता है.

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जेल सुरक्षा की खुली पोल

घाघीडीह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता होने के जितने भी दावे कर ले, लेकिन जेल की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों विफल नजर आ रही है. मंगलवार को अखिलेश सिंह और पंकज दुबे गैंग के बीच जेल में ही हुई गैंगवार की घटना जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है.

उल्लेखनीय है कि दोनों गुटों के अपराधियों के बीच हुए गैंगवार में जहां मनोज सिंह नाम के एक कैदी मौत, सात घायल लोग घायल हो गये. इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी है. पिछले दो महीनों में जेल के अंदर दो गुटों के बीच कई बार भिड़ंत हो चुकी है.

घाघीडीह जेल में बंद हैं क्षमता से ज्यादा कैदी

घाघीडीह जेल में कैदियों की क्षमता 1467 है. फिलहाल केंद्रीय कारा में 1800 से ज्यादा कैदी बंद हैं. इन कैदियों में सजायाफ्ता भी हैं. करीब 75 महिला कैदी घाघीडीह केंद्रीय कारा में बंद हैं.

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जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद होने की वजह से कैदियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पाती हैं. हालात ये है मामूली सुविधाओं के लिये भी कई बार कैदी आपस में भिड़ जाते हैं. और कई बार यह भिड़ंत खूनी संघर्ष में बदल जाता है. जेल में बंद कई कैदी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं.

एचआइवी पॉजीटिव 16 कैदी

पिछले महीने घाघीडीह सेंट्रल जेल के सभी कैदियों की महात्मा गांधी मेमोरियल अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर में एचआइवी जांच कराई गयी. इस दौरान लगभग 2000 कैदियों की जांच हुई है.

इनमें 1300 कैदियों की जांच रिपोर्ट जेल प्रशासन को मिल चुकी है. इनमें से 16 कैदी एचआइवी पॉजीटिव पाए गए हैं. इतने कैदियों में एचआइवी पॉजीटिव आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जेल प्रशासन काउंसिलिंग के जरिये यह जानने की कोशिश में जुटा है कि संक्रमण की वजह क्या है.

अखिलेश और परमजीत सिंह गुट में होता रहा टकराव

गैंगस्टर अखिलेश सिंह और जेल में मारे गए परमजीत सिंह के गुर्गों के बीच अक्सर टकराव भी होते रहते हैं. खुफिया विभाग हमेशा इसको लेकर अलर्ट करता रहा है.

जेल में विवाद के बाद ही गैंगस्टर अखिलेश सिंह और उसके सहयोगी कन्हैया सिंह, सुधीर दुबे, विक्रम शर्मा, मोहन समेत 11 को राज्य के दूसरे जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था. वर्चस्व और रंजिश को लेकर मारपीट होती रहती है. लेकिन इस बार अखिलेश सिंह और पंकज दुबे गिरोह के बीच मारपीट की घटना सामने आयी है.

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कई कुख्यात अपराधी हैं जेल में बंद

मिली जानकारी के अनुसार, घाघीडीह जेल में राज्य के कई कुख्यात अपराधी बंद हैं. इनमें गैंग्स ऑफ वासेपुर का फहीम, पलामू के विकास समेत एक दर्जन ऐसे बंदी हैं. जिनका अपने शहरों के अलावा राज्य और दूसरे राज्यों तक खौफ व वर्चस्व रहा है.

इन अपराधियों के अलग-अलग गुट हैं. याद दिला दें कि साल 2009 में जमशेदपुर के इसी घाघीडीह सेंट्रल जेल में कुख्यात अपराधी परमजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

घाघीडीह सेंट्रल जेल में मारपीट की कुछ घटनाएं

25 जून 2019- सेंट्रल जेल में अखिलेश सिंह और पंकज दुबे गिरोह के बीच मारपीट एक कैदी मनोज सिंह की मौत हो गई और 7 कैदी घायल हुए थे.

6 मई 2019- कैदियों के दो गुटों में भिड़त, एक गुट कैदी राजा सिंह का था तो दूसरा गुड्डू गोस्वामी का. भिड़ंत के दौरान राजा सिंह ने एल्यूमिनियम के चम्मच से चाकू बना गुड्डू पर हमला कर दिया था.

23 मार्च 2019- जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल में दो गुटों के बीच मारपीट होने का मामला सामने आया था. देर रात डॉन अखिलेश सिंह के शूटर हरि सिंह पर नीरज दुबे गिरोह के रोहित सिंह उर्फ पटपट और अमित मिश्रा ने जानलेवा हमला कर दिया. जिसके बाद दो गुटों के बीच झड़प शुरू हो गयी. वहीं, दोनों गुटों के बीच में मारपीट शुरू होते ही पूरे जेल में अफरा-तफरी मच गई थी.

24 जुलाई 2016- घाघीडीह जेल में रविवार को कैदियों के दो गुटों में मारपीट हुई थी.बताया जाता है कि सुलतान और शाहरूख के बीच मारपीट हुई थी.

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