
Ranchi: 1986 बैच के आइपीएस अधिकारी केएन चौबे झारखंड के अगले डीजीपी हो सकते हैं. वर्तमान डीजीपी डीके पांडेय का कार्यकाल 31 मई को खत्म हो रहा है. ऐसे में डीजीपी के चयन के लिए तीन नामों का पैनल तय हुआ था. जिनमें वीएच देशमुख, केएन चौबे और नीरज सिन्हा के नाम शामिल थे. बता दें कि नये डीजीपी की नियुक्ति को लेकर 16 मई को यूपीएससी में मुख्य सचिव और डीजीपी डीके पांडेय के साथ बैठक हुई थी. केएन चौबे अभी बीएसएफ में पदस्थापित हैं. झारखंड सरकार ने उनकी सेवा वापस करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है. हालांकि सरकार के किसी अधिकारी ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है.
इसे भी पढ़ें – झारखंड पर 85234 करोड़ कर्जः 14 साल की सरकारों ने लिये 37593.36 करोड़, रघुवर सरकार ने 5 साल में ही ले लिया 47640.14 करोड़ का ऋण
16 मई को यूपीएससी में हुई थी बैठक
झारखंड में नया डीजीपी बनाने को लेकर 16 मई को यूपीएससी में बैठक हुई. मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में छह आइपीएस अफसरों के नाम पर चर्चा हुई थी. इनमें बीआर देशमुख, कमल नयन चौबे, नीरज सिन्हा, पीआरके नायडू, एमवी राव और रेजी डुंगडुंग शामिल थे. इन्हीं छह नामों में से वरीयता के आधार पर अधिकतम तीन नाम पैनल में यूपीएससी द्वारा राज्य सरकार को भेजे गये थे. बताया गया था कि उक्त तीन में से किसी एक पर राज्य सरकार अपनी मुहर लगा सकती है. वरीयता के आधार पर अगर पैनल में तीन नाम आते हैं. पहले नंबर पर बीआर देशमुख, दूसरे पर कमल नयन चौबे और तीसरे पर नीरज सिन्हा आते थे. लेकिन सरकार ने केएन चौबे के नाम पर अंतिम मुहर लगायी.
इसे भी पढ़ें – मजबूर पारा टीचरः हाथ में चॉक व कलम की जगह ईंट व छड़ ढोते मिले मास्टर साहेब (देखें व जानें पारा टीचर धनेश्वर प्रसाद को)
31 मई को डीजीपी डीके पांडेय का कार्यकाल हो रहा है खत्म
झारखंड के वर्तमान डीजीपी डीके पांडेय का 31 मई को कार्यकाल खत्म हो रहा है. बता दें कि 25 फरवरी 2015 को 25 फरवरी 1984 बैच के आइपीएस डीके पांडेय ने राज्य के 11वें डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण किया था. उन्होंने तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार का स्थान लिया था. डीजीपी डीके पांडेय को तीन महीने का कार्यकाल विस्तार मिलने को लेकर चर्चा थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
इसे भी पढ़ें – रिंकी झा प्रकरणः बाबूलाल ने प्रदीप यादव को पढ़ाया नैतिकता का पाठ, कहा तीन दिन के अंदर इस्तीफा दें



