
Ranchi: झारखंड की आर्थिक स्थिति का लगातार मीडिया में खुलासा हो रहा है. आंकड़े बता रहे हैं कि झारखंड के सिर पर कर्ज का बोझ उसके बजट के आकार का हो गया है. हालात यह है कि आर्थिक स्थिति कोलैप्स करने के कगार पर है. झारखंड सरकार पर 85,234 करोड़ का कर्ज हो गया है. पिछले 14 साल (राज्य गठन से लेकर 2014 तक) में विभिन्न सरकारों द्वारा कुल 37,593.36 करोड़ ही कर्ज लिये गये थे. लेकिन पिछले पांच साल (2014 से) में रघुवर सरकार ने कर्ज लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. जितना कर्ज पिछले 14 साल में लिया गया, उससे अधिक कर्ज पिछले पांच साल (2014- 2019) में लिया गया. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पांच साल में रघुवर सरकार ने 47,640.14 कर्ज लिया. नतीजा यहा है कि झारखंड का हर व्यक्ति और झारखंड की जमीन पर पैदा लेनावाला हर बच्चा पहले से ही 26,225 रुपये का कर्जदार है. वहीं रघुवर राज आने से पहले हर झारखंडी का कर्ज सिर्फ 12,531 रुपये का था.
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कर्ज चुकाना रघुवर सरकार के लिए बड़ी चुनौती
85,234 करोड़ का कर्ज चुकता करना रघुवर सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गयी है. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य से सिर्फ 19,250 करोड़ ही टैक्स मिलेगा. इसके अलावा केंद्र से अनुदान के रूप में 13,850 रुपये ही मिलेंगे. इन दोनों को जोड़ दिया जाये तो कुल राशि होती है 33,100 करोड़. फिर भी 52,134 करोड़ का कर्ज रह ही जायेगा. सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रघुवर सरकार ने गैर कर सहित अन्य स्रोतों से 69,130 करोड़ मिलने का अनुमान लगाया है. अगर इसे भी मान लिया जाये, तो भी 16,104 करोड़ का कर्ज रह ही जायेगा.
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टैक्स कलेक्शन में वृद्धि नहीं, वाणिज्य कर में 699.07 करोड़ का नुकसान
राज्य सरकार के टैक्स कलेक्शन में भी कोई अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई है. भू-राजस्व संग्रहण में 84.25 करोड़ की कमी आयी है. इसी तरह उत्पाद में 120.87 करोड़ की कमी आयी है.
निबंधन (रजिस्ट्री) के कर संग्रहण में 137.67 करोड़ की गिरावट आयी है. इस सभी क्षेत्रों में राज्य सरकार को नुकसान हुआ है. इसी तरह वाणिज्य कर में भी 699.07 करोड़ का नुकसान हुआ है. रघुवर सरकार को राज्य कर में भी 945.81 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. वित्तीय वर्ष 2014-15 में राज्य कर से 10349.81 करोड़ रुपये मिले थे. 2015-16 में 11489.46 करोड़, 2016-17 में 13299.25 करोड़ रुपये मिले थे. जो वर्ष 2018 में घट कर 12353.44 करोड़ हो गया. अब राज्य सरकार ने नुकसान को पाटने के लिए 19250 करोड़ की संभावना जतायी है. वहीं केंद्र से 13,850 करोड़ मिलने की संभावना है.
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