
Ranchi: गोड्डा लोकसभा चुनाव में हार के बाद प्रदीप यादव की पार्टी में भी मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं. पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए प्रदीप यादव को पार्टी के प्रधान महासचिव के पद से तीन दिन के अंदर इस्तीफा देने के लिए कहा है.
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क्या लिखा है पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल के पत्र में

पार्टी सुप्रीमो की ओर से जारी पत्र में कहा गया है 21 अप्रैल 2019 को पार्टी की तात्कालिक प्रवक्ता रिंकी झा ने मुझे सुबह-सुबह मोबाइल पर फोन कर बताया कि उसके साथ आपके द्वारा कुछ अश्लील हरकत की गयी है. इसी बीच समाचार माध्यमों से पता चला कि उस महिला ने आप पर एक प्राथमिकी दर्ज करायी है. नीति का तकाजा है कि ऐसे आरोप पर जांच पूरी होने तक आपको प्रधान महासचिव का पद त्याग कर देना चाहिए. अत: आपसे अनुरोध है कि 3 दिन के भीतर प्रधान महासचिव का पद त्याग कर दें.
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क्या था महिला का आरोप
रिंकी झा ने प्रदीप यादव पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह देवघर पार्टी की एक रैली में शामिल होने के लिए आयी थीं. 20 अप्रैल को देवघर मोहनपुर में महागठबंधन की ओर से एक जनसभा आयोजित थी, जिसमें बाबूलाल मरांडी, हेमंत सोरेन,प्रदीप यादव शामिल हुए थे. रैली खत्म होने के बाद वह अपने रिश्तेदार के यहां चली गयी जो कि मोहनपुर में रहती है. जिसके बाद प्रदीप यादव ने शाम में महिला के मोबाइल पर फोन कर कहा कि रात आठ बजे शिव शक्ति होटल आना है जहां टीम के बाकी लोगों से उसे मिलाना है.
जिसके बाद महिला आठ बजे अपने ड्राइवर के साथ होटल पहुंची. लेकिन वहां पहुंच कर महिला ने देखा कि होटल में कोई भी नहीं है. महिला ने इस बारे में प्रदीप यादव से जब बात की तो उन्होंने उसे होटल के कमरा नंबर 202 में बैठा दिया और वहां से चले गये.
उसके बाद करीब 9.20 के आसपास प्रदीप वापस से कमरे में आये और उसके साथ जबरदस्ती की. महिला को उन्होंने बेड पर गिरा दिया. जिसके बाद उसने अपने बचाव में प्रदीप यादव को लात मार कर दूर हटाया. इसपर श्री यादव ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी. दोनों में झड़प हो ही रही थी की 9.45 बजे प्रदीप यादव महिला का पर्स उठा कर कमरे से बाहर चले गये.
महिला का कहना है कि उसके पर्स में दो लाख रुपये थे. वह घटना से इतनी डरी हुई थी कि पूरी रात वह कमरे में ही रही. उसने इस घटना के बारे में पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी को भी सूचना दी गयी लेकिन उन्होंने भी किसी तरह की कोई मदद नहीं की. जिसके बाद 21 अप्रैल को महिला कमरे से बाहर आयी. अब जाकर महिला ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी.
बाबूलाल के पत्र से बंधु तिर्की का झूठ भी आया सामने
प्रदीप यादव के बचाव में पार्टी के केंद्रीय महासचिव बंधु तिर्की ने 4 मई को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि बाबूलाल मरांडी को इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं थी. इस प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करायी जानी चाहिए. बंधु तिर्की ने यह भी कहा कि रिंकी झा पार्टी में केंद्रीय प्रवक्ता थीं. साथ ही हाइकोर्ट में वकील भी. उन्होंने अपनी बात पार्टी फोरम में नहीं रखी. अब 10 दिन चुनाव के बचे हैं, ऐसे समय में गलत आरोप लगाने का घटिया काम किया है. वह महिला कुछ भी कर सकती है. बाबूलाल के द्वारा जारी पत्र से यह साफ हो गया है कि उस दिन बंधु तिर्की ने प्रेस कांफ्रेंस में झूठ बोला था कि बाबूलाल मरांडी को मामले की जानकारी नहीं है.
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