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झारखंड को-ऑपरेटिव बैंक में 38 करोड़ का घोटाला, CID ने पूर्व एजीम को किया गिरफ्तार

  • CID की टीम ने तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक संदीप सेन को पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से किया है गिरफ्तार
  • सेन को झारखंड ला रही है टीम

Ranchi : सीआईडी ने मंगलवार को झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) लेखा संदीप सेन को गिरफ्तार कर लिया. सेन को पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से गिरफ्तार किया गया है. सीआईडी की टीम सेन को लेकर झारखंड लौट रही है. सीआईडी मुख्यालय ने बताया कि सेन पर आरोप है कि इनके द्वारा झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक सरायकेला शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सुनील कुमार सतपती और कर्मचारी मदनलाल प्रजापति के साथ साजिश रचकर एक निजी व्यक्ति संजय कुमार डालमिया को अवैध लाभ पहुंचाने की नीयत से बैंक के ऑफिशियल अकाउंट से अनधिकृत रूप से राशि का हस्तांतरण कर संजय कुमार डालमिया के पूर्व से चल रहे 12 बैंक खातों को अनधिकृत रूप से बंद कर दिया गया.

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इससे बैंक को कुल चार करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ. इनके खिलाफ सक्षम प्राधिकार द्वारा मुकदमा चलाये जाने के लिए अभियोजन स्वीकृति आदेश निर्गत किया जा चुका है. मौखिक, दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र ही उपरोक्त कांड में आरोप पत्र समर्पित किया जायेगा.

दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल

बता दें कि झारखंड में को-ऑपरेटिव बैंक में वर्ष 2011 से लेकर 2016 तक बैंक अधिकारियों की मदद से 38 करोड़ का लोन घोटाला हुआ है. विभागीय जांच के बाद इस मामले में अगस्त 2019 में सरायकेला के संजय डालमिया समेत अन्य बैंककर्मियों को आरोपी बनाया गया था. बैंक की ओर से गिरवी रखे गये कागजात से अधिक की लोन राशि स्वीकृत कर दी गयी थी. बाद में लोन एनपीए हो गया था. पूरे मामले में एक दर्जन से अधिक बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है. अब तक इस मामले में दो लोग जेल जा चुके हैं.

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22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाना में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाना में 38 करोड़ रुपये के घोटाले की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी के अनुसार बैंक से कुल 38 करोड़ रुपये लोन दिये गये थे. इसमें 33 करोड़ रुपये का लोन कारोबारी संजय कुमार डालमिया द्वारा लिया गया था. अन्य चार करोड़ रुपये का लोन अन्य लोगों ने लिया था. लोन लेनेवालों ने बैंक को पैसा नहीं लौटाया. इसके बाद पूरे मामले की जांच हुई. जांच के बाद सरायकेला के शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपती, सहायक मदनलाल प्रजापति, तत्कालीन मैनेजर वीरेंद्र कुमार, क्षेत्रीय कार्यालय चाईबासा में पदस्थापित एजीएम, तत्कालीन लेखाकार शंकर बंदोपाध्याय, चाईबासा क्षेत्रीय कार्यालय के तत्कालीन एमडी मनोजनाथ शाहदेव, तत्कालीन एजीएम मुख्यालय संदीप सेन, सीईओ बृजेश्वर नाथ और संजय कुमार डालमिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

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