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एमजीएम और पीएमसीएच में कोटे की 20 प्रतिशत व दुमका और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में आरक्षित वर्ग की 40 प्रतिशत सीटें खाली

  • रिम्स की सभी सीटें लगभग फुल
  • अन्य पांच के 400 में से 59 सीटें रिक्त

Ranchi: राज्य में इस सत्र से छह मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई हो रही है. इससे पहले सिर्फ तीन मेडिकल कॉलेजों में ही मेडिकल की पढ़ाई करायी जाती थी.

एमजीएम और पीएमसीएच में आरक्षित वर्ग की 20 प्रतिशत सीटें खाली रह गयी हैं. वहीं दुमका, पलामू और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में एससी और एसटी वर्ग की 40 प्रतिशत सीटें भरी जानी हैं.

पीएमसीएच में 50 और एमजीएम में एमबीबीएस की 50 सीटों पर नामांकन लिया गया था. जबकि दुमका, पलामू और हजारीबाग के मेडिकल कॉलेज में 100-100 सीटों पर नामांकन लिया गया था.

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इन पांच मेडिकल कॉलेजों में 400 सीटों पर नामांकन लिया जाना था, जिनमें से 59 सीटें खाली रह गयी हैं.  पीएमसीएच और एमजीएम में 100 में से 27 सीटें खाली रह गयी हैं. वहीं दुमका, हजारीबाग और पलामू की 300 सीटों में एससी और एसटी कोटे की कुल 62 सीटें हैं, जिनमें से 19 सीटें खाली रह गयीं. इन तीन कॉलेजों में कुल 32 सीटें खाली रह गयी हैं.

काउंसिलिंग से सीटें भरनेवाले जेसीईसीई का कहना है कि उसने सभी मेडिकल कॉलेजों को काउंसिलिंग के जरिये सभी मेडिकल सीटों को भर कर दिया है. कॉलेजों से सीटों की स्थिति का जायजा अभी लिया जाना बाकी है.

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फैकल्टी की कमी मुख्य वजह

पीएमसीएच के अधिकारियों के अनुसार पीएमसीएच में एमबीबीएस की सीटें खाली रह जाने का मुख्य कारण फैकल्टी की कमी है. यहां सीनियर रेजिडेंट समेत असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लगभग 37 प्रतिशत पद रिक्त हैं. एमसीआइ इस पर बार-बार आपत्ति जताती रही है. बावजूद रिक्त पदों को भरने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

इतने अधिक पद रिक्त रहने के कारण एमसीआइ ने यहां सीटें नहीं बढ़ायीं. 50 सीटें होने के बावजूद सीटें खाली रह गयी हैं.

राज्य से बाहर के छात्रों के एडमिशन का हुआ था विरोध

काउंसिलिंग के दौरान राज्य से बाहर के छात्रों के एडमिशन को लेकर बहुत बवाल हुआ था. मेरिट में बाहर के छात्रों को शामिल करने को लेकर अभिभावकों ने प्रदर्शन भी किया था.

बाहर के छात्रों का नामांकन हो भी गया. बाहरी छात्रों में से कई ने एडमिशन लेकर छोड़ दिया है. जिससे सीटें खाली हो गयी हैं. अब सीटों का जायजा लेकर फिर से काउंसिलिंग करा कर सीटें भरी जायेंगी.

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