
Giridih: झारखंड के शिक्षा सह उत्पाद मंत्री जगरन्नाथ महतो ने सोमवार को कहा कि अब जनहित के मुद्दों की फाइलों को रघुवर सरकार की तरह अटकाया नहीं जायेगा.
डुमरी जाने के क्रम में अचानक गिरिडीह में रुके महतो यहां परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने जो दायित्व दिया है उसमें अपने स्तर पर बेहतर करने का प्रयास कर रहा हूं. इसमें पारा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के साथ शिक्षक नियुक्ति की नियमावली को मजबूत करना शामिल है.”
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नियुक्ति नियमावली चौपट रहने के कारण राज्य में शिक्षकों की कमी रही जिसका सीधा असर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर पड़ा.
उन्होंने आगे कहा कि फाइलों को अटकाने और लटकाने का दौर महागठबंधन की सरकार में नहीं चलने दिया जायेगा. मुख्यमंत्री और मंत्री के निर्देश के बाद जो अधिकारी फाइलों का अटकायेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
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‘सीएए के पचड़े में नहीं पड़ना’
नागरिकता संशोधन अधिनियम के मुद्दे पर जगरनाथ ने कहा कि यह मुद्दा सीएम के स्तर का है, वह इन पचड़ों में नहीं फंसना चाहते.
शिक्षा मंत्री जगरन्नाथ महतो ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार को सूबे की जनता ने करारा जवाब दिया है. अब जनता को काम दिखाने का वक्त है कि किस प्रकार जनहित के मुद्दें पर निर्णय लिये जाते हैं.
रघुवर सरकार के कार्यकाल पर अब कोई बात करना उचित नहीं है क्योंकि जिस सरकार को जनता ने जवाब दिया है उस पर भड़ास निकालना सही नहीं होगा.
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मर्ज स्कूलों पर पुनर्विचार कर कार्रवाई
एक सवाल के जवाब में मंत्री जगरन्नाथ महतो ने स्कूलों के मर्ज करने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि जंगलों में जो स्कूल है उसे मर्ज करना उचित नहीं, क्योंकि बीहड़ जंगल में गरीब और आदिवासियों के बच्चे शिक्षा पाने जाते है.
ऐसे में इन स्कूलों के मर्ज करने से सिवाय नुकसान के कुछ होगा. इस पर पुनर्विचार कर कार्रवाई की जायेगी.
इस दौरान शिक्षा मंत्री के साथ जिला आपूर्ति पदाधिकारी पवन मंडल, झामुमो नेता निजामुद्दीन अंसारी के अलावे अजीत कुमार पप्पू और कई झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थे.
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