West Bengal

नारद मामले में पहली गिरफ्तारी, आइपीएस एसएमएच मिर्जा को सीबीआइ ने दबोचा

Kolkata: नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने गुरुवार को पहली गिरफ्तारी की.

एक फर्जी कंपनी के गैरकानूनी कारोबार को मदद देने के एवज में रिश्वत लेने के आरोपित आइपीएस एसएमएच मिर्जा को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है.

गुरुवार सुबह निजाम पैलेस स्थित जांच एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर होने के लिए एसएमएच मिर्जा को समन भेजा गया था.

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उनकी आवाज के नमूने रिकॉर्ड करने के बाद सीबीआइ ने उनसे कई सवाल पूछे जिसके जवाब में विसंगतियां होने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया.

सीबीआइ के प्रवक्ता आरके गौड़ ने मिर्जा की गिरफ्तारी की पुष्टि की. सीबीआइ की ओर से बताया गया है कि मिर्जा की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले उनकी चिकित्सकीय जांच करायी गयी.

उसके बाद बैंकशाल स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश किया गया. वहां से जांच एजेंसी के आवेदन पर कोर्ट ने मिर्जा को 30 सितम्बर तक के लिए रिमांड पर भेज दिया है.

क्या है नारद स्टिंग ऑपरेशन और मिर्जा की भूमिका

साल 2014 में स्टिंग ऑपरेशन को नारद न्यूज़ पोर्टल के सीईओ मैथ्यू सैमुअल ने अंजाम दिया था. सैमुअल एक फर्जी कंपनी के निदेशक बन कर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, मंत्रियों और सांसदों से मिले थे.

उन्होंने अपनी फर्जी कंपनी के गैरकानूनी कारोबार को फैलाने हेतु मदद मांगी थी और इसके एवज में रिश्वत की पेशकश की थी.

उनके कैमरे पर कई नेता नोटों की गड्डियां लेकर उनकी फर्जी कंपनी को कारोबार में मदद करने का आश्वासन देते हुए कैद हुए थे.

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इनमें कोलकाता के वर्तमान मेयर और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम, पूर्व मेयर शोभन चटर्जी, तृणमूल सांसद सौगत रॉय, अपुरूपा पोद्दार समेत कई और नेता शामिल थे.

स्टिंग ऑपरेशन करनेवाले सैमुअल तत्कालीन तृणमूल महासचिव मुकुल राय के पास भी पहुंचे थे. उन्होंने भी कैमरे पर सैमुअल की कंपनी को मदद का आश्वासन दिया था लेकिन रुपये नहीं लिये थे.

घूस के रुपये देने के लिए उन्होंने फर्जी कंपनी के निदेशक बने मैथ्यू सैमुअल को बर्दवान के तत्कालीन एसपी आइपीएस एसएमएच मिर्जा के पास जाने को कहा था.

तब सैमुअल मिर्जा के पास पहुंचे थे. 2016 में स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो विधानसभा चुनाव से पहले जारी किया गया था जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गयी थी.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले की जांच सीबीआइ कर रही है. तृणमूल के 12 नेताओं और मंत्रियों तथा एसएमएच मिर्जा समेत 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

उनकी गिरफ्तारी पर स्टिंग ऑपरेशन को करनेवाले पत्रकार मैथ्यू सैमूअल ने खुशी जतायी है. उन्होंने कहा है कि उनकी मेहनत का फल आना शुरू हो गया है.

उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस मामले में जिन अन्य लोगों ने भी घूस ली है वे भी धीरे-धीरे गिरफ्तार किये जायेंगे.

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