
Palamu: 10 जुलाई से लापता सदर थाना क्षेत्र निवासी 13 वर्षीय मासूम सूरज आखिरकार 39 दिनों के बाद सुरक्षित बंगाल की खड़गपुर रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया गया. फिलहाल सूरज यादव खड़गपुर सीडब्ल्यूसी के टीम के पास है. सूरज यादव के परिजनों ने पूर्व में ही थाना में आवेदन देकर चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था. जिसके बाद पुलिस इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. 13 वर्षीय सूरज सदर थाना क्षेत्र के चियांकी गांव का रहने वाला है.लापता होने के बाद परिजनों ने गांव के ही सोनू यादव और सतनारायण राम पर अपहरण का आरोप लगाया था. परिजनों ने इस मामले को लेकर चार घंटे तक नेशनल हाईवे को भी जाम रखा था. बताया जा रहा है कि सूरज बकरी चोरी की एक घटना का प्रत्यक्षदर्शी था और बकरी बेचे जाने के बाद उसे 500 रुपये मिले थे. जिसकी जानकारी होने पर परिवार वालों ने उसकी पिटाई कर दी थी. उसके बाद से ही सूरज लापता हो गया था. परिजनों ने बकरी चोरी करने वालों पर ही अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस को आवेदन दिया था.
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4 अगस्त को लावारिस स्थिति में मिला था सूरज
मिली जानकारी के अनुसार बंगाल के खड़कपुर रेलवे स्टेशन पर 4 अगस्त को चाइल्डलाइन सीडब्ल्यूसी की टीम ने सूरज यादव को लावारिस हालत में बरामद किया था.शुरुआत में सूरज ने चाइल्डलाइन और सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों को गलत जानकारी देते हुए खुद को महाराष्ट्र का रहने वाला बताया था.महाराष्ट्र में सूरज का पता सत्यापित नहीं होने के बाद खड़कपुर चाइल्डलाइन और सीडब्ल्यूसी की टीम ने सूरज से दोबारा उसका पता पूछा, जिसके बाद सूरज ने अपना वास्तविक पता बताया. पलामू सीडब्ल्यूसी और चाइल्डलाइन को खड़कपुर की टीम ने इसकी जानकारी दी जिसके बाद सूरज यादव की बरामदगी की पुष्टि हुई है.




