
Dhanbad : बीसीसीएल की पुटकी बलिहारी परियोजना में रविवार को एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गयी. बताया जाता है कि सुबह आठ कोयला कर्मी अपने माइनिंंग सरदार के साथ सैकड़ों फीट गहरी खदान में घुसे थे.
लेकिन खदान में अचानक पानी भरने लगा. मजदूरों ने मामले की सूचना कोलियरी के वरीय अधिकारी को दी. अधिकारियों ने आनन – फानन में रेसक्यू शुरू किया और सभी नौ मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया.
घटना की जानकारी देते हुए मजदूरों ने बताया कि वे लोग सुबह लगभग छह बजे सैकड़ों फीट गहरी खदान में माइनिंग करने के लिए उतरे थे. लेकिन खदान में उतरते ही उन्हें एक अजीब सी आवाज सुनाई दी.
वे इस आवाज से कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कोयले की दीवार तेज आवाज के साथ गिरी और खदान में पानी भरने लगा. देखते ही देखते सभी मजदूर पानी में डूबने लगे.
लेकिन कोयला कर्मी और माइनिंग सरदार ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए खदान के अंदर एक ऊंची जगह की तलाश की और अपने वरीय अधिकारियों से संपर्क साधा.
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हमारे बचने की उम्मीद कम है, आप बचा सकते हैं तो बचा लें
खदान के अंदर पानी में फंसे मजदूरों ने अपने अधिकारियों से संपर्क कर कहा कि सर हमारे बचने की उम्मीद कम है, आप बचा सकते हैं तो बचा लें.
इस खबर के बाद पुटकी बलिहारी परियोजना में हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने फौरन रेस्क्यू शुरू किया. करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
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यूनियन नेताओं ने की निष्पक्ष जांच की मांग
फिलहाल उस खदान के अंदर की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है. जानकारी मिल रही है कि अब उस कोयले की खदान के अंदर पानी का बहाव धीरे-धीरे कम हो रहा है.
एरिया के मैनेजर भीके गोयल ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है. यह घटना क्यों और कैसे हुई इसकी जानकारी जांच के बाद ही मिल पायेगी.
वहीं मजदूर यूनियन के नेताओं ने कोयला अधिकारियों पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.




