
Ranchi : झारखंड सचिवालय सेवा संघ की कार्यकारिणी की आपात बैठक ध्रुव प्रसाद की अध्यक्षता में नेपाल हाउस सचिवालय में हुई. कार्मिक विभाग द्वारा सचिवालय सेवा के उपसचिव व संयुक्त सचिव के पद सृजन की संचिका प्रशासी पदवर्ग समिति से वापस मांगे जाने तथा विभिन्न पदों की कटौती का प्रस्ताव लाने के विरुद्ध यह बैठक आहूत की गई थी. ध्रुव प्रसाद ने बताया कि बैठक में कार्मिक विभाग द्वारा तर्कहीन तथा मनमाने तरीके से पदों की कटौती संबंधी प्रस्ताव पर आपत्ति जतायी गयी. बता दें कि केन्द्रीय सेवा शर्तों के अनुरूप झारखंड सचिवालय सेवा के प्रवर कोटि के पदों के सृजन को पिछले डेढ़ साल से संचिका प्रशासी पदवर्ग समिति के समक्ष विचाराधीन थी, जिसपर तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का अनुमोदन प्राप्त है. इस संबंध में संघ द्वारा कई बार वित्त सचिव, कार्मिक सचिव, मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की गई. परन्तु कार्मिक विभाग द्वारा पद सृजन की संचिका प्रशासी पदवर्ग समिति से वापस मांग ली गई है. पद सृजन के विपरीत कार्मिक विभाग द्वारा पदों में कटौती का प्रस्ताव लाया गया है, जो अत्यंत निंदनीय है. ज्ञात हो कि झारखण्ड सरकार केंद्रीय सचिवालय सेवा के अनुरूप सेवा शर्त, वेतनमान तथा पदसंरचना राज्य सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों को देने के लिए कृत्संकल्प है. झारखंड गठन के पश्चात कार्य में हुए वृद्धि के अनुपात में सचिवालय सेवा के पदों में वृद्धि नहीं हुई है. एक तरफ सचिवालय में बाह्य सेवा के पदाधिकारियों, अनुबंध तथा प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पदाधिकारियों के क्रियाकलापों से सचिवालय के कार्यों में गुणात्मक ह्रास हो रहा है और इसकी गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. दूसरी तरफ सचिवालय सेवा के पदाधिकारी कार्य के बोझ तले दबे हुए हैं, जिससे उनके कार्य दक्षता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
इसलिए बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि सरकार पद सृजन के मामले में सकारात्मक पहल नहीं करती है और पदों में कटौती के प्रस्ताव को तत्काल वापस नहीं लेती है तो झारखंड सचिवालय सेवा संघ भविष्य में एक बड़े आन्दोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी रूपरेखा अगले सप्ताह होने वाली बैठक में तय की जाएगी. बैठक में अध्यक्ष ध्रुव प्रसाद, महासचिव सिद्धार्थ बेसरा, उपाध्यक्ष विनय कुमार बरनवाल, रितेश कुमार, सचिव पीयूष कुमार, सीमा कुमारी तथा उमाशंकर मुंडा, निधि टोपनो, देवाशीष आदि उपस्थित थे.
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